सपा सिल्वर जुबली समारोह में अखिलेश ने उठाई, शिवपाल ने खींची तलवार
समाजवादी पार्टी के सिल्वर जुबली समारोह में लगा था कि पार्टी के भीतर की अंदरूनी लड़ाई खडत्म नहीं तो कम से कम ठंडी तो पड़ जाएगा लेकिन खटपट और मुखर हो गई। तमाम कड़वाहटों के

समाजवादी पार्टी के सिल्वर जुबली समारोह में लगा था कि पार्टी के भीतर की अंदरूनी लड़ाई खत्म नहीं तो कम से कम ठंडी तो पड़ जाएगा लेकिन खटपट और मुखर हो गई। तमाम कड़वाहटों के बीच अखिलेश और शिवपाल मंच पर थे लेकिन बीच की दूरियां साफ नजर आ रही थी, आपस में बातचीत नहीं हो रही थी। समारोह की शुरुआत में दूसरे दलों के नेताओं ने अखिलेश-शिवपाल के बीच बनी खाई को पाटने की कोशिश की। लालू यादव से लेकर एचडी देवगौड़ा दोनों ने दोनों का हात थामा लेकिन जब मंच पर संबोधन की बारी आई तो चाचा शिवपाल ने एक बार फिर अखिलेश पर निशाना साध दिया।
शिवपाल और अखिलेश ने मंच पर तलावारें उठाईं तो आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने तलवार के बहाने दोनों की बीच की दूरियों को खत्म करने की पूरी कोशिश की।
लालू अखिलेश और शिवपाल को आगे लेकर बढ़े.. फिर शिवपाल पर अखिलेश को आशीर्वाद देने का दवाब डाला, जबर्दस्ती हाथ ऊपर उठवा दिए। अखिलेश को भी चाचा के जबर्दस्ती पैर छूने को कहा। अखिलेश नें भी पैर छूकर इस बात के संकेत दिए कि दूरियां दूर हो गईं लेकिन शिवपाल ने अपने भाषण में अखिलेश को ऐसा निशाना बनाया कि सुलह की तमाम कोशिश विफल हो गईं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल के भाषण का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी में कुछ लोग ऐसे हैं जो सुनेंगे ज़रुर लेकिन सब कुछ बिगड़ने के बाद। शिवपाल पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि भेंट में तलवार दी और तलवार न चलाऊं कैसे हो सकता है?
ग़ौरतलब है कि समारोह की शुरुआत में मंच पर दोनों ने तलवार उठाई थी और लालू यादव ने दोनों के हाथ उठाकर मौजूदा लोगों का अभिनंदन किया था। इसके बाद ही शिवपाल ने अपने संबोधन में अखिलेश पर हमला बोल दिया था।
अखिलेश ने कहा कि वह हर तरह की परीक्षा देने के लिए तैयार हैं।
इसके पहले शिवपाल ने कहा था कि कहा कि कुछ लोगों को 'सब कुछ विरासत' में मिल जाता है लेकिन कुछ लोगों जो मेहनत करते हैं, पार्टी के लिए कुर्बानी देते हैं, उन्हें कुछ नहीं मिलता।
शिवपाल यादव ने अपना दुख बांटते हुए कहा कि सरकार में कुछ लोग चापलूसी करके मज़ा कर रहे हैं लेकिन काम करने वाले हाशिए पर हैं। मंत्रिमंडल में बहुत से उपेक्षित लोग हैं।
हाल ही में अखिलेश द्वारा बर्ख़ास्तगी का ज़िक्र करते हुए शिवपाल ने कहा कि पार्टी चाहे कितनी बार भी बर्ख़ास्त कर दे लेकिन वह हमेशा पार्टी के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह नेता (मुलायम सिंह यादव) का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। दूसरी तरफ शिवपाल ने यह भी कहा कि अगर अखिलेश जान मांगे तो वह जान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनका इतना अपमान हुआ लेकिन उन्होंने उफ़्फ तक नहीं की।
पार्टी में बाहरी 'तत्वों' का ज़िक्र करते हुए शिवपाल ने कहा कि बीच में धुसपैठिए आ गए जो माहौल ख़राब कर रहे हैं, इनसे सावधान रहेन की ज़रुरत है।
पार्टी दो ख़ेमें में साफ बंटी नज़र आ रही थी। किसी के हाथ में सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर थी तो कोई शिवपाल की तस्वीर के साथ बैठा नजर आया। कुछ ऐसे भी थे जिन्हें समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने नहीं बुलाया था लेकिन इसके बावजूद वो सीएम अखिलेश के बुलावे पर समारोह में मौजूद थे।
ये जलसा तो पार्टी के सिल्वर जुबली समारोह का है लेकिन असली नजर है अगले साल होने जा रहे विधान सभा चुनाव पर। पार्टी के अंदरूनी मतभेद के बीच इस समारोह में एक कोशिश है कि मुलायम परिवार जनता को ये जताए कि वो एक जुट हैं। परिवरा के झगड़े ख़त्म होने के संकेत दिए जा रहे हैं. तो दूरी ओर महागठबंधन की एक नई तस्वीर भी पेश की जा रही है। मंच पर नेताओं में राष्ट्रीय लोकदल के चौधरी अजीत सिंह के अलावा बिहार से लालब यादव और शरद यादव भी थे।