नई दिल्ली: उत्तरप्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव में सपा की अंदरूनी कलह के बाद मायावती के इस बयान पर पलटवार करते हुए कि भाजपा नर्वस हो गई है, भाजपा ने कहा कि उत्तरप्रदेश की जनता बसपा सुप्रीमो को साल 2012 के विधानसभा चुनाव और फिर 2014 के लोकसभा चुनाव में खारिज कर चुकी है और अभी वह स्वयं डरी हुई हैं, इसलिए बौखलाहट में झेंप मिटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रही हैं।
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मायावती खुद डरी हुई हैं। इसलिए ऐसा बयान दे रही हैं। साल 2012 में विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें खारिज कर चुकी है। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। और अब तो उनकी पार्टी के नेता भी उन्हें खारिज करके राहें अलग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोग मायावती के शासनकाल के भ्रष्टाचार और अपराध को नहीं भूले हैं। दूसरी ओर उनकी पार्टी में भगदड़ मच गई है। इसलिए बौखलाहट में वे अपनी झेंप मिटाने के लिए इस तरह का बयान दे रही हैं।
मुसलमानों के बसपा के पक्ष में गोलबंद होने के मायावती के दावे पर भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ये लोग मुसलमानों को बंधुआ मजदूर मान रहे हैं जबकि सूबे की जनता विकास, सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था चाहती है। शर्मा ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनना तय है क्योंकि लोग अखिलेश और बुआ मायावती से मुक्ति चाहते हैं।
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