नयी दिल्ली: बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट अगस्त तक अयोध्या पर फ़ैसला सुना देगा और साल के अंत तक राम मंदिर के निर्माण का काम भी शुरु हो जाएगा। डॉ. स्वामी आप की अदालत शो में रजत शर्मा के सवालों के जवाब दे रहे थे। ये कार्यक्रम शनिवार रात दस बजे इंडिया टीवी पर प्रसारित होगा। डॉ. स्वामी ने कहा कि उन्होने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मसले पर रोज़ाना सुनवाई करने का अनुरोध किया है, ताकि फैसला जल्द हो सके।
"मुझे भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट इस साल अगस्त तक हमारे पक्ष में फ़ैसला सुनाएगा। मुझे उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय इस फ़ैसले को मानेगा। साल के अंत तक हम राम-मंदिर का निर्माण शुरु कर देंगे।" रजत शर्मा ने डॉ. स्वामी से मुसलमानों से की गई उनकी विवादास्पद पेशकश के बारे में पूछा जिसमें उन्होंने 39,997 मस्जिदों के बदले अयोध्या, काशी और मथुरा में विवादास्पद स्थानों पर मंदिर बनाने की मांग स्वीकार करने की बात की है। स्वामी ने कहा, "हमारे पास लिस्ट है कि 40 हजार मंदिरों को तोडकर मस्जिद बनायी गयी। मैने सोचा कि महाभारत में कृष्ण भगवान दुर्योधन के पास गए, बोले कि राजधानी रख लो, पांच गांव दे दो, दुर्योधन माना नहीं, महाभारत युद्ध हो गया।"
यह पूछे जाने पर कि क्या ये मुसलमानों को धमकी है, डॉ. स्वामी ने कहा: "मैं धमकी नहीं दे रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि मुसलमान समुदाय इस बात को मान लेगा और हमें तीनों दे देगा। वो सिर्फ ये चाहते हैं कि जो मांगने वाले लोग हैं, उनका दिल साफ होना चाहिए। मेरा दिल साफ है, सबको पता है।"
एक अन्य सवाल पर कि क्या वह मुसलमानों को "ठीक करना " चाहते हैं, डॉ. स्वामी ने कहा: "नहीं, मुसलमान सब ठीक हैं। उन्हें बस एक ही बात मान लेना चाहिए कि उनके पूर्वज हिंदू थे।"
ताजमहल बनाम तेजोमहालय विवाद पर डॉ. स्वामी ने कहा, "ये मामला मैं अगले साल उठाऊंगा। मैं 1977 में ताजमहल देखने गया था और मैं बेसमेंट भी देखना चाहता था, लेकिन वो बंद था। उस समय प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने मुझसे पूछा था कि मुझे इस मामले में क्यों दिलचस्पी है, कहा मं तो अर्थशास्त्री हूं, तो मैंने कहा कि मैं सांसद भी हूं और सच्चाई जानना चाहता हूं लेकिन देसाई सरकार ने परमिशन नहीं दी और उनकी सरकार भी कुछ महीने बाद गिर गई।''
स्वामी ने पाकिस्तान के ''चार टुकड़े'' करके उससे बदला लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैश-ए-मुहम्मद के ऑफ़िसों पर छापे की बात, "ये सब पत्रकारों ने घोषणा की है। कोई खास कुछ हुआ नहीं है। मौलाना मसूद अज़हर को तो गिरफ़्तार कर भारत को सौंपा जाना चाहिये क्योंकि वह यहां कई मामले में आरोपी है।"
"मोदी के नवाज़ शरीफ़ के साथ चाय पीने पर मुझे कोई एतराज़ नहीं है लेकिन हमें इससे आगे बात नहीं करनी चाहिए। नवाज़ शरीफ़ की बात का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वह दब्बू और फ़ौज की कठपुतली हैं। हमें पाकिस्तान को साफ कह देना चाहिये कि अगर पठानकोट जैसा हमला एक बार और हुआ तो हम तुम्हारे चार टुकड़े कर देंगे।"
नैशनल हेरॉल्ड मामले पर स्वामी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ने अपराध किया है और ये मेरा कर्तव्य है कि उनको परेशान नहीं, आराम दूं, जेल में बिठा कर। राहुल तो अनपढ़ आदमी है। कॉलेज में कभी पास नहीं हुआ है इसलिए उसको कानून कुछ पता नहीं....वो दोषी पाए जाएंगे तो अवश्य कानून के अनुसार जेल जाना होगा, ये कोई कृपा नहीं कर रहे हैं ये कह के कि दोषी पाए जाएं, तो जेल भेज दें।"
ये पूछे जाने पर कि मंत्री न बनाये जाने से क्या वह दुखी हैं, स्वामी ने कहा: "मैं मंत्री बना नहीं, मेरे शब्दों में क्या कोई निराशा दीखती है। मैं तो मंत्री नहीं बना, एमपी नहीं बना, पर मैंने सबसे ज्यादा योगदान किया कि ये सरकार आए। मैंने सोनिया की चलायी हुई सरकार को भ्रष्ट साबित किया, वीएचपी, आरएसएस के साथ मिलकर काम किया। मंत्री नहीं बनाया गया तो फिर भी निराश नहीं हूं।"
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