नयी दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज राज्यसभा में आश्वासन दिया कि ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी छात्रों पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच करायी जाएगी। राज्यसभा में आज विपक्ष के कुछ सदस्यों ने अफ्रीकी छात्रों पर हमले का मुद्दा उठाते हुए इस पर चिंता जतायी। विदेश मंत्री सुषमा ने कहा कि दोनों घटनाओं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पहले 19 साल के एक स्थानीय नवयुवक की मौत हो गयी और उसके बाद नाइजीरियाई छात्रों पर हमले हुए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की गयी है और उन्हौंने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए कदम उठा रहा है और घायल नाइजीरियाई छात्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाए, तब तक उस पर कुछ भी कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो और इसके लिए हम सजग हैं। इससे पहले जदयू के शरद यादव ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि विदेश मंत्रालय के साथ ही गृह मंत्रालय को भी कदम उठाना चाहिए। उन्होंन युद्धस्तर पर कदम उठाए जाने की मांग की।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के आनंद शर्मा तथा माकपा के सीताराम येचुरी ने इस घटना की निंदा करते हुए इस मुद्दे से खुद को संबद्ध किया। आनंद शर्मा ने कहा कि ऐसी घटना से भारत की छवि खराब हो रही है। उन्होंने ऐसे छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाए जाने की मांग की। वहीं येचुरी ने कहा कि सदन को इस संबंध में विशेष प्रस्ताव पारित करना चाहिए। उपसभापति पी जे कुरियन ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि हम अमेरिका और आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर नस्ली हमले की निंदा करते हैं। ऐसे में हम अपने देश में ऐसी घटना को उचित नहीं ठहरा सकते तथा ऐसे मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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