मुंबई: शिवसेना के मुखपत्र सामना में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने संपादकीय में कहा है कि, 'अब पाकिस्तान की जीभ खींचने का वक्त आ गया है'। दरअसल, कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेन्सी ISI के पूर्व प्रमुख हामिद गुल ने कहा था कि, 'हिन्दुस्तान का बर्ताव यदि नहीं सुधरा तो न्यूक्लियर बम फेंक कर दिल्ली और मुंबई को हिरोशिमा–नागासाकी बना देगें। उद्धव ठाकरे ने हामिद गुल की भारत को दी गई इस धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
गुल के कार्यकाल में ISI के हिन्दुस्तान विरोधी आतंकी कार्यवाइयों मे इजाफा हुआ था कुछ लोग गुल को हिन्दुस्तान विरोधी आतंकी कार्यवाइयों का सूत्रधार मानते थे।
उद्धव ठाकरे ने सामना में कहा कि, 'हिन्दुस्तान या तो कश्मीर की समस्या का समाधान करे या पाकिस्तान पर हमला कर इस मुद्दे को ही खत्म कर दे। गुल बकवास कर रहा है और इस तरह की चुनौती की भाषा बोल रहा है। पाकिस्तान की ओर से आजकल इस तरह की मगरूरी की बात बारबार बोली जा रही है। शत्रुदेश से जिस तरह के बयान आ रहे हैं उससे लगता है मानो परमाणु बम कोई दिवाली का लक्ष्मी बम पटाखा है जिसे फोड़ने में पुरी तरह से समर्थ है।
"जब पाकिस्तान की ओर से हिन्दुस्तान पर बम पेंकने की गीदड़ भभकियां दी जाती हैं तब हमारी ओर से बम के बदले में हम चर्चा करेगे और पत्राचार करेगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नवाज शारीफ रूस में एक दूसरे से मिले, इसका दुख पाकिस्तान के आतंकवादी और धर्मांध संगठनों को होना सहज स्वाभाविक है। हिन्दुस्तान द्वेष और हिन्दुस्तान में आतंकी कार्यवाइयों का ओंजाम देना यहीं उनकी रोजी–रोटी है। उनके इस रोजगार के चलते हिन्दुस्तान में खून की नदिया बहती हैं और निर्दोष लोगों की बलि चढ़ती है।"
उद्धव टाकरे ने अपने इस लेख में ये भी कहा है कि, यदि पाकिस्तान हिन्दुस्तान पर परमाणु बम का प्रयोग करेगा तो क्या हिन्दुस्तान पाकिस्तान पर पानी के फव्वारे छोड़ेगा? कहीं पाकिस्तानी के हुक्मरान इस तरह क अपेक्षा तो नहीं कर रहे है? वहां कोई भी येड़ा याकूब खड़ा होता है और हिन्दुस्तान के खातमे की बांग देता है, इस तरह के फिसड्डी पटाखों का एक बार हमेशा के लिए बुझाना चाहिए।
"पाकिस्तान की ओर से गुप्त हमले बढ़ चुके है। कश्मीर में घुसपैठ की घटनाओं में वृद्धि हो रही है उधमपुर के आतंकी हमले में तो पाकिस्तान पुरी तरह से बेनकाब हो चुका है। उसका एक जिंदा आतंकी भी पकड़ा गया है। यह महात्मा पाकिस्तान से आया था, उसका कुल और मूल पाकिस्तान का है। वह पुलिसवालों से कबूल करता है कि उसे हिन्दुओं को मारने में मजा आता है। अब यह गिरफ्तार किया गया नावेद हमारा नहीं है, ऐसी पाकिस्तानी दलील दी जा रही है लेकिन नावेद का बाप पाकिस्तान का मिथ्या प्रलाप एक बार फिर सामने आ चुका है। उसका थोबड़ा दोनों ओर से फुटा तुटा है। नावेद मामले के चलते पाकिस्तान के थोबड़े का हिरोशिमा-नागासाकी हो चुका है। उसे पहले अपना थोबड़ा दुरूस्त करना चाहिए फिर हिन्दुस्तान को धमकाने के फेर मे पड़ना चाहिए। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से चेतावनी दगें ही लेकिन पाकिस्तान की लपलपाती जीभ को उसके पहले ही खींच लेने की आवस्यकता है।"
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