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केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा निर्विरोध रालोसपा के अध्यक्ष चुने गए

नई दिल्ली: केंद्र में सत्तारूढ़ राजग की घटक राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के राष्ट्रीय अधिवेशन में आज केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। पार्टी ने बिहार में

upendra kushwaha- India TV Hindi
upendra kushwaha

नई दिल्ली: केंद्र में सत्तारूढ़ राजग की घटक राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के राष्ट्रीय अधिवेशन में आज केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। पार्टी ने बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन खासतौर पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर परोक्ष प्रहार करते हुए कहा कि वंशवाद एवं परिवारवाद भारतीय राजनीति में कोढ़ बन गए हैं और रालोसपा अपने उसूलों पर कायम रहते हुए सभी वर्गो को साथ लेकर चलने को प्रयासरत है।

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रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में पार्टी के एक सांसद अरूण कुमार ने पार्टी सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा के खिलाफ बगावत कर दी है। आज हुए चुनाव में केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। बैठक में राजनैतिक और आर्थिक प्रस्ताव भी पारित किये गए।

रालोसपा के राजनैतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि पिछले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को मिली सफलता से यह स्पष्ट है कि राष्ट्रीय पटल पर कांग्रेस का कमजोर नेतृत्व भविष्य में भी दिशा देने में असमर्थ होगा। गैर कांग्रेसवाद के एजेंडा पर चलने वाली पार्टियों की फिर वापसी होगी।

इसमें कहा गया है कि विगत बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम पार्टी के अनुरूप नहीं रहा लेकिन खुशी इस बात की है कि हमने अपने उसूलों व सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया.. अंजाम की परवाह किए बिना पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को महत्व दिया और ईमानदार एवं स्वच्छ राजनीति को अपनाया। हम समाजवादी अवधारणाओं पर यकीन करते हुए सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और जन सरोकार जैसे मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।

रालोसपा के प्रस्ताव में कहा गया है कि जनता दलीलें नहीं, परिणाम चाहती है और परिणाम के लिए वह अनंतकाल तक प्रतीक्षा नहीं कर सकती। ऐसे में हम तय समयावधि में कार्यक्रमों को पूरा करेंगे। प्रस्ताव में कहा गया है कि वंशवाद और परिवारवाद राजनीति में कोढ़ बन गए हैं और जो नए नेता आ रहे हैं, वे या तो किसी राजनीतिक परिवार से हैं या किसी नेता के रिश्तेदार हैं।

रालोसपा के राजनैतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि आज नेताओं की पैराशूट लैंडिंग हो रही है और असली कार्यकर्ताओं की बलि दी जा रही है। उन्होंने कहा, उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। इसमें कहा गया है कि पार्टी उत्तरप्रदेश में चुनाव में उतरना चाहती है। राजनीति में परिवारवाद और वंशवाद को समाप्त करना पार्टी के एजेंडा में सर्वोपरि है।

उपेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली पार्टी के आर्थिक प्रस्ताव में सामाजिक न्याय के साथ विकास की पुरजोर वकालत की गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि रालोसपा की आर्थिक नीति हमेशा भारतीय संविधान के राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के सिद्धांत से प्रेरित रही। यह सामाजिक दायित्व और कर्तव्यों के खर्चे उठाने के लिए संसाधन पैदा करेगी। रोजागार के अवसर उत्पन्न करना पार्टी की आर्थिक नीतियों का प्राथमिक लक्ष्य होगा।

इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय परिषद का दृढ़ विश्वास है कि भारत आज भी गांवों में बसता है, और इसलिए गांवों के विकास और समृद्धि के बिना भारत के विकास एवं प्रगति की कल्पना करना बेमानी होगी। पार्टी गांव के लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने को प्रतिबद्ध है। प्रस्ताव में कहा गया है कि रोजगार के संबंध में अनुबंध का प्रावधान एक अत्यधिक शोषक प्रक्रिया है क्योंकि ऐसा देखा गया है कि ऐसे लोगों को भूलभूत लाभ एवं सुविधाएं नहीं मिलती। इसलिए स्थायी नौकरी पैदा करने पर पार्टी का जोर होगा। इसके अलावा कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का पूरा प्रयास किया जायेगा।

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