नई दिल्ली: उत्तराखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया खत्म हो गई है। हरीश रावत ने दावा किया है कि उनकी सरकार बहुमत साबित करन में सफल रही। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के पक्ष में 33 वोट पड़े जबकि 28 वोट विरोध में पड़े। वैसे शक्ति परीक्षण का नतीजा औपचारिक रुप से कल घोषित होगा लेकिन सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने हार मान ली है।
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के बागी 9 विधायकों को मतदान नहीं करने के नैनीताल HC के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस बहुमत परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई।
साथ ही उत्तराखंड में 2 घंटों के लिए राष्ट्रपती शासन भी हटा दिया गया है। शक्ति परीक्षण में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की विधायक रेख आर्या ने बगावत कर दी है।
इसी बीच हरीश रावत को BSP सुप्रिमो मायावती के 2 विधायकों का समर्थन मिल गया है।
गोविंद कुंजवाल, स्पीकर, उत्तराखंड विधानसभा ने कहा कि, सारे 62 लोगों का नाम लेने के बाद सारी प्रक्रिया पूर्ण करके फिर जो नोटशीट हमारे सचिव बना रहे हैं। एक सीलबंद लिफाफे में बंद करके सुप्रीम कोर्ट के पास ले जाएंगे 11 तारीख को और फिर सुप्रीम कोर्ट रिजल्ट आउट करेंगे।
वैसे तो उत्तराखंड विधानसभा में कुल 71 विधायक होते हैं लेकिन 9 बागी विधायकों के अयोग्य घोषित होने के बाद अब विधानसभा में कुल विधायक 62 हो गए हैं। इसके हिसाब से बहुमत का नया आंकड़ा 31 हो गया है। फिलहाल कांग्रेस के 27, बीजेपी के 28, निर्दलीय 3, बीएसपी के 2, यूकेडी का 1 विधायक और 1 मनोनीत सदस्य है।
इस सूरत में आज फ्लोर टेस्ट में सारा दारोमदार बीएसपी, यूकेडी और निर्दलीय विधायकों के अलायंस PDF के 6 विधायकों पर है। PDF में बीएसपी के 2, यूकेडी का 1और तीन निर्दलीय विधायक शामिल हैं।
निर्दलीय विधायकों में मंत्री प्रसाद नैथानी, दिनेश धनै, हरीश चंद्र दुर्गापाल कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं। यूकेडी के विधायक प्रीतम पंवार भी हरीश रावत के साथ हैं। अभी तक BSP के दो विधायक हरिदास और सरबत करीम अंसारी भी कांग्रेस के साथ ही हैं।
फिलहाल आज के बेहद अहम मतदान के मद्देनज़र कांग्रेस और बीजेपी के बड़े बड़े नेता पहले से ही देहरादून में पहुंच चुके हैं। बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयर्गीय का कहना है कि हो सकता है कि कांग्रेस में फिर से बगावत हो जाए।
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