नई दिल्ली: विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह आज कहा कि वह राज्यसभा के सदस्यों के चूहा बिल्ली वाले तुच्छ खेल को देख कर बहुत आहत हैं। उन्होंने दलित संबंधी उनकी टिप्पणी को लेकर उन्हें राज्यसभा में नहीं आने देने और उनके इस्तीफा देने की मांग करते हुए चलाई जा रही कांग्रेस और बसपा की मुहिम पर प्रतिक्रिया करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी तुच्छ राजनीति पर उतर आए हैं।
सिंह ने फेसबुक पर हिंदी और अंग्रेजी में अपने अलग-अलग बयान के जरिए कहा कि राज्यसभा में उपस्थित होना, मेरे लिए एक विस्मयकारी अनुभव था। मेरा हमेशा से विश्वास था कि हमारे देश के उच्च प्रतिनिधि सदन में ज्ञान, अनुभव, विवेक का महा समागम होता होगा और देश के प्रतिनिधि भारत के जटिल मुद्दों पर तर्क वितर्क करके समाधान ढूंढते होंगे।
उन्होंने कहा कि अल्प मानसिकता से दूषित राजनीति से परे, राज्यसभा में राष्ट्रहित के सर्वोपरि होने की अपेक्षा की थी मैंने। परन्तु मेरा यह विश्वास भीषण रूप से तब आहत हुआ जब मैंने राज्यसभा के सदस्यों को राजनीति के चूहे बिल्ली वाले तुच्छ खेल में लिप्त पाया, जिसका वर्णन करना भी मेरे लिए पीड़ादायी है।
गौरलतब है कि सिंह के कल उच्च सदन में मौजूद होने पर बसपा के नेता सतीश मिश्रा ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि जो व्यक्ति दलितों के मारे जाने की तुलना कुत्ते से करे उसका इस सदन में मौजूद रहना उचित नहीं है। उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की थी और कहा था कि इन्हें सदन में नहीं आने देना चाहिए। आज भी उच्च सदन में बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने वी के सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाली।
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