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'एक बच्चा अपने साहस और संकल्प से स्वराज का मंत्र दे गया', पढ़ें शिवाजी महाराज को लेकर क्या बोले अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि शिवाजी महाराज के पास सेना नहीं थी, कोई इतिहास नहीं था और धन भी नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने औरंगजेब को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने मूल भारत की कल्पना की।

Amit Shah- India TV Hindi
Image Source : X/AMITSHAH अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के रायगढ़ में कहा कि औरंगजेब जो खुद को आलमगीर कहता था, उसकी भी आखिर इसी भूमि में समाधि बनी। उन्होंने शिवाजी को लेकर कहा कि छत्रपती शिवाजी महाराज को महाराष्ट्र तक सीमित मत रखिये, देश और दुनिया तक उनकी जरूरत है। शाह ने कहा "मैं यहां कोई राजनीति करने नहीं आया, मैं यहां छत्रपती शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेने आया हूं।" उन्होंने कहा कि रायगढ़ को पर्यटन का नहीं बल्कि, हर एक के लिए प्रेरणा स्थान बनाना है।

अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस की महाराष्ट्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि 7 वीं से  11 वीं तक के विद्यार्थी रायगढ़ में प्रेरणा लेने के लिए आएं, यह काम भी राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वराज्य की लड़ाई कभी भी खत्म नहीं होनी चाहिए।

शिवाजी के आदर्शों पर काम कर रही मोदी सरकार

अमित शाह ने रायगढ़ में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "ना भाग्य उनके(छत्रपति शिवाजी महाराज) साथ था, ना भूतकाल उनके साथ था, ना धन था, ना सेना थी। एक बच्चा अपने अदम्य साहस और संकल्प के साथ पूरे देश को स्वराज का मंत्र देकर गया। देखते-देखते 200 साल से चल रही मुगलशाही को चकनाचूर कर देश को स्वतंत्र कराया। आज हम देश की आजादी के 75 साल के बाद दुनिया के सामने सर उठा कर खड़े हैं। हम संकल्प करते हैं कि जब आजादी को 100 साल होंगे तब दुनिया में एक नंबर पर हमारा भारत होगा, उसकी मूल कल्पना शिवाजी ने रखी।"

शिवाजी को श्रद्धांजलि देते हुए अमित शाह ने एक्स पर लिखा "हिन्दवी स्वराज के संस्थापक, महान धर्मध्वज रक्षक, सेवा और शौर्य की प्रतिमूर्ति छत्रपति शिवाजी महाराज जी की पुण्यतिथि पर उनका वंदन करता हूं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने देशवासियों के मन में स्वधर्म और स्वसंस्कृति के प्रति गौरव के भाव को मजबूत बनाकर मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित किया। हिन्दवी स्वराज की संकल्पना को साकार बनाने वाले शिवाजी महाराज ने जनसेवा के जो मूल्य स्थापित किए थे, वे चिरस्मरणीय रहेंगे।"

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