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ओवैसी की हुंकार- मुस्लिम एकजुट हों, यूपी में भी दिखे बिहार जैसी ताकत

असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक कयादत मजबूत करने की अपील की और बिहार जैसी ताकत यूपी में दिखाने का आह्वान किया।

Asaduddin Owaisi- India TV Hindi
Image Source : PTI असदुद्दीन ओवैसी

मुस्लिम वोटों की सियासत में असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर खुलकर एंट्री की है। हैदराबाद में मंच से AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हिजाब के मुद्दे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को गलत बताया और कहा कि किसी अदालत को मुसलमानों के मजहबी मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है।

इसके बाद उन्होंने सीधे राजनीतिक कयादत के सवाल को उठाया। उन्होंने मुसलमानों से एकजुट होने और अपनी राजनीतिक कयादत तैयार करने की अपील की। ओवैसी ने बिहार चुनाव में दिखाई गई मुस्लिम एकजुटता का हवाला देते हुए कहा कि इसी तरह की ताकत उत्तर प्रदेश में भी दिखाई जानी चाहिए।

यूपी में अखिलेश की अलग चुनौती

यही ओवैसी की सियासत का सबसे बड़ा आधार है- मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर बेबाक और सीधी बात। लेकिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की चुनौती अलग है। उन्हें मुस्लिम वोटों के साथ-साथ हिंदू वोटों को भी साधना है। ऐसे में उन्हें हर कदम बेहद संभलकर उठाना पड़ता है। राहुल गांधी की बयानबाजी कई बार अखिलेश की इस मुश्किल को और बढ़ा देती है।

मनुस्मृति के मुद्दे पर भी अब सियासी घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी ने मनुस्मृति के हवाले से महिलाओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक शब्दों को लेकर सवाल उठाए थे। अब ओवैसी ने इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए मनुस्मृति में दलितों को लेकर कही गई बातों का हवाला दिया।

RSS और BJP पर साधा निशाना

ओवैसी ने आरोप लगाया कि आरएसएस मनुस्मृति को भारत का संविधान बनाना चाहता था और संघ से जुड़े कई नेता इसके समर्थन में थे। उन्होंने बीजेपी और संघ से सवाल किया कि अगर उन्हें मनुस्मृति पर इतना भरोसा है, तो उसके अध्याय 7 में दलितों को लेकर लिखी गई बातों को भी देश के सामने खुलकर रखा जाए।

ओवैसी के आरोपों का जवाब बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष मनुस्मृति की गलत व्याख्या कर रहे हैं और इसका मकसद हिंदू समाज में विभाजन पैदा करना है। सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि जो लोग बार-बार मनुस्मृति का हवाला दे रहे हैं, वे पहले यह बताएं कि उनके पास मूल मनुस्मृति की प्रति कहां से आई और वे किस पाठ के आधार पर अपनी बातें कह रहे हैं।

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