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वक्फ कानून को लेकर भड़के AIMIM चीफ ओवैसी, कहा- 'गोल गुंबज का मालिक अब ASI बन गया है'

AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ कानून को लेकर केंद्र सरकार और उसके सहयोगियों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ कानूनों की आड़ में मस्जिदों और दरगाहों की संपत्ति छीनी जा रही है।

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Image Source : X.COM/AIMIM_NATIONAL AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी।

कुरनूल: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ कानून और उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान की जा रही सख्ती को लेकर केंद्र सरकार और NDA के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा। आंध्र प्रदेश के कुरनूल में सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने वक्फ कानून को मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों को 'छीनने' का हथियार बताया और NDA के सहयोगी नेताओं, विशेष रूप से TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जनसेना नेता पवन कल्याण पर भी तीखा हमला बोला।

'बेखौफ होकर टीडीपी को छोड़ दीजिए'

ओवैसी ने वक्फ कानून को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, 'आपको समझाने के लिए बता दूं कि वक्फ कानून कुछ ऐसा बनाया गया है कि मिसाल के तौर पर यहां कुरनूल में गोल गुम्बद की दरगाह है, जबसे यह कानून बना है, वक्फ बोर्ड उसका मालिक नहीं है, ASI उसका मालिक बन चुका है। यह कानून मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों को छीनने के लिए बनाया गया है। जब आपकी और मेरी पहचान मस्जिद से है, हो सकता है कि हम अलग-अलग पार्टी में हों, मगर जब बात शरीयत की, मस्जिद की आती है, तो मैं आपसे अपील करता हूं कि आप बेखौफ होकर टीडीपी को छोड़ दीजिए और पैगाम दीजिए कि आप कभी भी संविधान पर, शरीयत पर और मस्जिद पर कोई समझौता नहीं करेंगे।'

कांवड़ यात्रा पर सख्ती को लेकर उठाए सवाल

ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन और कुछ संगठनों की ओर से की जा रही सख्ती पर भी तंज कसा। उन्होंने मुजफ्फरनगर का एक उदाहरण देते हुए कहा, 'मुजफ्फरनगर में (कांवड़) यात्रा शुरू हुई है। वहां पर संघ परिवार के लोग एक दुकान पर गए और दुकान वाले का नाम पूछा। दुकान वाले ने कहा कि नाम से क्या मतलब, तो उसका आधार कार्ड मांगा। आधार कार्ड नहीं था। उससे पूछा कि तुम्हारी दुकान का नाम ये क्यों है, तो उसने कहा कि ये मेरी मर्जी है। तो उसके साथ गाली-गलौज की गई। बाद में मालूम हुआ कि जिसको गुस्सा कर रहे थे, गाली दे रहे थे, उसका नाम गोपाल है। अब देखिए इस मुल्क में इस तरह की नफरत फैलाई जा रही है।' उन्होंने इस घटना को देश में बढ़ती सांप्रदायिक नफरत का प्रतीक बताया और ऐसी गतिविधियों की कड़े शब्दों में निंदा की।

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