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असम विधानसभा चुनाव 2026: हाफलांग में नंदिता की बगावत बिगाड़ेगी बीजेपी का खेल या रुपाली जीतेंगी भरोसा

नंदिता यहां से 2021 में चुनाव जीती थीं और मंत्री भी बनीं, लेकिन इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने पाला बदल लिया। वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, बीजेपी ने रुपाली पर भरोसा जताया है।

Haflong Assembly election 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV हाफलांग विधानसभा चुनाव 2026

असम विधानसभा चुनाव 2026 में हाफलांग सीट पर मुकाबला काफी रोचक रहने वाला है। यहां दो महिला नेताओं के बीच कांटे की टक्कर रहने के आसार हैं। खास बात यह है कि दोनों महिला नेताओं ने बीजेपी में रहते हुए अपनी पहचान बनाई, लेकिन अब एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। नंदिता इस सीट से पिछला चुनाव जीती थीं और हिमंत सरकार में मंत्री भी रहीं, लेकिन जब उनका टिकट कटा तो उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

हाफलांग में बीजेपी की रुपाली लंगथासा और कांग्रेस की नंदिता गरलोसा के बीच कांटे की टक्कर है। असम की विधानसभा सीट नंबर 113 अनुसूचित जनजाति आरक्षित है। यह दीमा हसाओ जिले में आती है। यहां 9 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होना है।

2021 में नंदिता बनी थीं विधायक

2021 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार नंदिता गरलोसा ने जीत हासिल की थी। बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने लगभग 56.7% वोट हासिल किए थे। उन्हें कुल 67,797 वोट मिले थे। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार निर्मल लंगथासा को 49,199 वोट मिले थे। उनका वोट प्रतिशत 41.16 था। इस सीट पर लगभग 1,19,518 वोट पड़े थे और नंदिता ने 18,598 वोट (करीब 15.5%) के अंतर से जीत हासिल की थी। 

टिकट कटने पर नंदिता ने की बगावत

पूर्व बीजेपी मंत्री और 2021 की विजेता नंदिता गरलोसा को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया। उन्होंने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। बीजेपी ने नंदिता की जगह रुपाली पर भरोसा जताया। इसके बाद नंदिता ने बगावत की और कांग्रेस में शामिल हो गईं। इसके साथ ही कांग्रेस ने उन्हें अपना उम्मीदवार बना दिया। एनपीपी ने डेनियल लंगथासा को उम्मीदवार बनाया है। वह भी वोट काटने का काम कर सकती हैं। हालांकि, असली लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदवार के बीच है। पिछला चुनाव यहां बीजेपी ने जीता था, लेकिन चुनाव जीतने वाली पूर्व विधायक और मंत्री अब कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। इस समीकरण ने यहां की लड़ाई को रोचक बना दिया है।

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