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'कर्नाटक में शिवकुमार सरकार का पहला विकेट गिरा', मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे के बाद बोली बीजेपी

कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद बीजेपी ने इसे डी.के. शिवकुमार सरकार का पहला विकेट बताया है। पार्टी ने कथित वाल्मीकि विकास निगम फंड घोटाले में 187 करोड़ रुपये की वापसी और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

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Image Source : PTI कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार।

Highlights

  • नागेंद्र के इस्तीफे को बीजेपी ने शिवकुमार सरकार का पहला विकेट और अपनी बड़ी जीत बताया।
  • आर. अशोक ने कहा कि सरकार को तीन महीने भी नहीं हुए, आगे और विकेट गिरेंगे।
  • बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि नागेंद्र छोटे खिलाड़ी हैं, घोटाले में बड़े शार्क अभी बाकी हैं।

नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे को बीजेपी ने अपनी लगातार जारी लड़ाई की बड़ी जीत बताया है। पार्टी ने कथित 89 करोड़ रुपये के वाल्मीकि विकास निगम फंड घोटाले को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि उसकी लड़ाई सिर्फ नागेंद्र के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। बीजेपी ने पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने और कथित तौर पर गायब रकम वापस लाने की मांग की है। बता दें कि कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के चलते पद संभालने के 25 दिन के भीतर ही राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे की घोषणा कर दी

'नागेंद्र का इस्तीफा सरकार का पहला विकेट'

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के लिए पहला झटका है। उन्होंने कहा,

'हमारे संघर्ष और हमारे कार्यकर्ताओं के संघर्ष की वजह से इस सरकार का पहला विकेट नागेंद्र के इस्तीफे के रूप में गिरा है। अभी तो सरकार ने 3 महीने भी पूरे नहीं किए हैं। नागेंद्र को मंत्री बने 25 या 26 दिन ही हुए हैं और एक विकेट गिर गया। आगे और भी विकेट गिरेंगे।'

‘यह लड़ाई सिर्फ नागेंद्र के खिलाफ नहीं है’

अशोक ने कहा कि बीजेपी का आंदोलन सिर्फ नागेंद्र को निशाना बनाकर नहीं किया गया था। उनका दावा है कि पार्टी की लड़ाई दलितों के लिए निर्धारित 187 करोड़ रुपये की कथित लूट के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष दलितों के 187 करोड़ रुपये की लूट के खिलाफ है। अशोक के मुताबिक, बीजेपी ने इस मुद्दे पर दिन-रात प्रदर्शन किए, विधानसभा में नारे लगाए और लगातार सरकार पर दबाव बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद सरकार ने विधानसभा का सत्र भी छोटा कर दिया। उन्होंने कहा,

'हमने कहा था कि जब तक नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। अब सब कुछ हो गया है। इस्तीफे का पत्र भी सौंप दिया गया है।'

'बीजेपी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा'

अशोक ने नागेंद्र के इस्तीफे को बीजेपी के आंदोलन की 'पूरी जीत' बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर वह पार्टी के नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र से चर्चा करेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि बीजेपी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता, किसानों और गरीबों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रहेगी। अशोक ने यह भी बताया कि उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की और पार्टी से जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा की। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी ज्यादा से ज्यादा संघर्ष और आंदोलन करने का संदेश दिया है।

‘नागेंद्र छोटे खिलाड़ी, बड़े शार्क अभी बाकी’

कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कथित घोटाले में नागेंद्र की भूमिका बड़ी तस्वीर का सिर्फ एक हिस्सा है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने कहा,

'नागेंद्र तो सिर्फ एक छोटा खिलाड़ी है। इस घोटाले में बड़े-बड़े शार्क शामिल हैं।'

उन्होंने कहा कि बीजेपी की सबसे बड़ी मांग यह है कि वाल्मीकि विकास निगम के 187 करोड़ रुपये वापस निगम में लाए जाएं। विजयेंद्र ने कहा कि यह पैसा शोषित और वंचित समुदायों के विकास के लिए तय किया गया था, इसलिए इसे हर हाल में वापस लाया जाना चाहिए।

‘सिर्फ इस्तीफा नहीं, बड़े नाम सामने आने चाहिए’

विजयेंद्र ने साफ किया कि बीजेपी का आंदोलन केवल नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा, 'हमारा संघर्ष सिर्फ उनका इस्तीफा लेने तक सीमित नहीं है। हम इन सभी मुद्दों के आधार पर लड़ाई लड़ रहे हैं।' बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि कथित घोटाले में शामिल अन्य बड़े लोगों की पहचान सामने लाई जाए और पूरे मामले की बड़ी साजिश का खुलासा किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा लेना नहीं, बल्कि कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए 187 करोड़ रुपये की पूरी रकम वापस लाना और पूरे मामले में जवाबदेही तय कराना है। (PTI से इनपुट्स के साथ)

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