Bengal SIR hearing in Supreme Court: सीएम ममता ने रखी अपनी बात, SC ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी याचिका की सुनवाई के दौरान खुद सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखी। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया।

Bengal SIR hearing in Supreme Court: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को राज्य में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अपनी याचिका की सुनवाई के दौरान खुद सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित रहीं और उन्होंने कोर्ट में अपनी बात मजबूती से रखा। आपको जानकर हैरानी होगी कि ममता बनर्जी एक प्रशिक्षित वकील भी हैं। ममता लंबे समय से राज्य में SIR अभियान का विरोध कर रही हैं और चाहती हैं कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की मतदाता सूची के अनुसार कराए जाएं।
जानें आज कोर्ट में क्या क्या हुआ?
Live updates : Bengal SIR hearing in Supreme Court LIVE
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February 04, 2026 1:44 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
अगली सुनवाई सोमवार को होगी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगी।
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February 04, 2026 1:24 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
हमें कहीं इंसाफ़ नहीं मिल रहा है, बोलीं ममता बनर्जी
CJI ने कहा कि अगर राज्य बांग्ला भाषा की अच्छी जानकारी रखने वाली एक टीम दे और कमीशन को बताए कि यह लोकल बोली की गलती है, तो इससे उन्हें मदद मिलेगी। कुछ मामलों में यह साफ़ है। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं उसी राज्य से हूं। आपकी मेहरबानी के लिए मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। इंसाफ़ रो रहा हो.. तो हमें लगा कि हमें कहीं इंसाफ़ नहीं मिल रहा है। हमने इलेक्शन कमीशन को 6 लेटर लिखे। मैं अपनी पार्टी के लिए नहीं लड़ रही हूं।
CJI ने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य ने भी अपने अधिकार से एक रिट पिटीशन फाइल की है। राज्य का केस लड़ने के लिए SC में सबसे अच्छे वकील मौजूद हैं। मिस्टर दीवान, मिस्टर सिब्बल और सबसे अच्छे लोग हमारी मदद के लिए मौजूद हैं।
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February 04, 2026 1:20 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
ममता बोलीं, मैं खुद वहां के हालात के बारे में कोर्ट को बताऊंगी
ममता बनर्जी ने कहा कि मैं खुद वहां के हालात के बारे में कोर्ट को बताऊंगी। चूंकि मैं उस राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हूं।
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February 04, 2026 1:20 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने क्या कहा
चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि जी हां, नोटिस भेजे जा रहे हैं। CJI ने कहा कि आप नामों के मिलान न होने आदि का हवाला दे रहे हैं, ये कारण अच्छी तरह से स्पष्ट हैं। श्याम दीवान ने कहा कि कृपया नोट देखें। हमने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वे केवल नाम मिलान न होने से संबंधित सभी नोटिस वापस लेने का निर्देश दें।
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February 04, 2026 1:12 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
एसआईआर पर सुनवाई जारी
वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा कि 8,300 माइक्रो ऑब्ज़र्वर नियुक्त किए गए हैं। संविधान में ऐसे माइक्रो ऑब्ज़र्वरों की कहीं भी परिकल्पना नहीं की गई है। इसके अलावा, स्वीकृत दस्तावेज़ों को भी अस्वीकार किया जा रहा है-जैसे डोमिसाइल प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, ओबीसी प्रमाणपत्र आदि। इनमें से कोई भी दस्तावेज़ स्वीकार नहीं किया जा रहा है। लोगों को 4 से 5 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।
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February 04, 2026 1:11 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
CJI ने कही ये बात
सीजेआई ने कहा कि “मुझे पश्चिम बंगाल से अपने दो भाई न्यायाधीशों का लाभ मिला। उन्होंने मुझे बताया कि पास (Pass) प्रमाणपत्र कैसे जारी किए जाते हैं, और इसी कारण हमने इसे शामिल किया है।”
श्याम दिवान के कहा कि“कृपया याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत संक्षिप्त नोट (brief note) पर ध्यान दें। सुनवाई पूरी करने के लिए केवल 4 दिन शेष हैं। 32 लाख मतदाता Unmapped voters हैं। 1.36 करोड़ मतदाताओं के नाम logical discrepancy list में हैं। 63 लाख मामलों में अब तक सुनवाई लंबित है।” -
February 04, 2026 1:08 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
श्याम दिवान सुप्रीम कोर्ट के उस अंतिम आदेश का जिक्र कर रहे हैं
श्याम दिवान कोर्ट को बता रहे है कि एसआईआर के दौरान किस तरह से नामों में गलती से संबंधित जानकारी सामने आ रही है। श्याम दिवान सुप्रीम कोर्ट के उस अंतिम आदेश का जिक्र कर रहे हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को तार्किक विसंगति श्रेणी के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे।
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February 04, 2026 12:59 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
एसआईआर को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई शुरू
पश्चिम बंगाल एसआईआर को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई शुरू। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एम पंचोली की पीठ कर रही है सुनवाई। सुनवाई में ममता बनर्जी खुद मौजूद है। -
February 04, 2026 12:56 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
ममता वकीलों के साथ कोर्ट रूम में आगे आ गई है
ममता वकीलों के साथ कोर्ट रूम में आगे आ गई है
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February 04, 2026 12:55 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
कोर्ट के अंदर सबसे पीछे बैठी हुई हैं ममता बनर्जी
कोर्ट के अंदर सबसे पीछे बैठी हुई हैं ममता बनर्जी
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February 04, 2026 12:35 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
SIR के 14 फरवरी को प्रकाशित होने की उम्मीद है
पश्चिम बंगाल में 4 नवंबर, 2025 को मतदाता सूची का मसौदा लागू किया गया और 16 दिसंबर को इसे प्रकाशित किया गया। दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 19 जनवरी थी। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित होने की उम्मीद है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की प्रगति को देखते हुए समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।
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February 04, 2026 12:16 PM (IST) Posted by Kajal Kumari
ममता बनर्जी नहीं, इनकी याचिकाओं पर भी होगी सुनवाई
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अकेली नहीं हैं जिनकी याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मोस्तारी बानू और टीएमसी सांसदों डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन द्वारा दायर याचिकाओं पर भी आज सुनवाई होगी।
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February 04, 2026 11:51 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
SIR पर SC में सुनवाई कब शुरू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है
मुख्य न्यायाधीश की बैठक पूरे दिन चलेगी। हालांकि, एसआईआर के खिलाफ दायर याचिकाओं के समूह पर सुनवाई कब शुरू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मुख्य न्यायाधीश के अलावा, पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली भी शामिल होंगे।
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February 04, 2026 11:34 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
दोपहर 12 बजे सुनवाई होने का संभावना है
अगर न्यायाधीश से इजाज़त मिली तो बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सवाल कर सकती हैं। सीएम ममता बनर्जी मुख्य रूप से वोटर्स के नाम लॉजिकल गड़बड़ियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के बारे में सवाल उठाएंगी, इसके अलावा ज़िंदा वोटर्स को मरा हुआ बताने पर भी सवाल उठाएंगी। ममता बनर्जी का किया गया SIR को लेकर याचिका 37वें नंबर में है। 36 नंबर पर बंगाल के मशहूर विजय गोस्वामी द्वारा दायर की गई याचिका है। दोपहर 12 बजे सुनवाई होने का संभावना है।
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February 04, 2026 11:28 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
चुनाव आयोग के साथ बढ़ सकता है ममता का टकराव
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री चुनाव आयोग के साथ चल रहे अपने टकराव को और बढ़ा सकती हैं, जिसके तहत वे राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ अपने मामले में स्वयं दलीलें पेश करेंगी।बार एंड बेंच के अनुसार, उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में स्वयं दलीलें पेश करने की अनुमति के लिए एक अंतरिम आवेदन दिया है। यदि उन्हें अनुमति मिल जाती है, तो वे सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष स्वयं अपना मामला पेश करने वाली पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन जाएंगी।
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February 04, 2026 11:17 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
सुप्रीम कोर्ट और उसके आसपास की बढ़ाई गई सुरक्षा
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी के आगमन के मद्देनजर और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई से पहले दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।
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February 04, 2026 11:04 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
ममता बनर्जी ने कोर्ट से मांगी है परमिशन
ममता ने Appear in Person की परमिशन और Argue करने की परमिशन सुप्रीम कोर्ट से मांगी है।
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February 04, 2026 10:58 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
कोर्ट में अपना पक्ष रखने वाली मौजूदा मुख्यमंत्री होंगी
बार एंड बेंच की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम नंबर 1 में मौजूद हैं। वह एसआईआर के खिलाफ दायर याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहेंगी और संभवतः अपना पक्ष भी रखेंगी, ऐसा करने वाली वह पहली मौजूदा मुख्यमंत्री होंगी।
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February 04, 2026 10:48 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
ममता बनर्जी कोर्ट के समक्ष दलील रखेंगी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान पेश होंगे।वह SIR के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका पर कोर्ट में दलील रखेंगे। ममता बनर्जी भी इस दौरान कोर्ट रूम में मौजूद रहेगी,और वो भी कोर्ट के समक्ष दलील रखेंगी।
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February 04, 2026 10:35 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का समर्थन किया
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का समर्थन किया। “मैं ममता बनर्जी के प्रयासों का समर्थन करती हूं। वह कानूनी लड़ाई डटकर लड़ रही हैं। अगर भाजपा की यह मनमानी जारी रही, तो हम भी लड़ेंगे - चाहे महाभियोग प्रस्ताव के जरिए हो या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया के जरिए...”, चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर प्रक्रिया सभी राज्यों में “एकतरफा” तरीके से चलाई गई।