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राहुल गांधी को मिला अखिलेश का साथ, AAP और कांग्रेस में ठन गई, जानें किसने क्या कहा?

नीट पेपर लीक को लेकर हो रहा प्रदर्शन अब सियासी हो चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आज पीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे, उनका साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी ने तंज कसा। जानें किसने क्या कहा?

राहुल गांधी और अखिलेश यादव- India TV Hindi
Image Source : PTI राहुल गांधी और अखिलेश यादव

नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने आज पीएम हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी के साथ कई दिग्गज कांग्रेसी नेता शामिल हुए। इस प्रदर्शन से आम आदमी पार्टी ने दूरी बनाए रखी, लेकिन समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का साथ लिया। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने को लेकर अपनी आपत्ति ज़ाहिर की। AAP ने दावा किया कि यह 'कॉकरोच जनता पार्टी' की ओर से विरोध प्रदर्शनों को कमज़ोर करने की कोशिश है।

AAP और कांग्रेस में क्यों ठनी, जानें किसने क्या कहा
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, CJP के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने @RahulGandhi को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया। इसपर, कांग्रेस नेता बी वी श्रीनिवास ने कहा, आपके धुंआ क्यों निकल रहा है? ये Tweet मालवीय ने लिखा या चड्डा ने?

आप नेता आतिशी ने ट्वीट किया, यह आश्चर्यजनक है! सीजेपी और सोनम वांगचुक: जंतर-मंतर पर एक महीने का विरोध प्रदर्शन। मोदी सरकार ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। इसपर फिर से बीवी श्रीनिवास ने लिखा, आपको बहुत तकलीफ हो रही है। हम समझ सकते हैं, बीजेपी के साथ जारी आपकी जुगलबंदी फेल हो गई इसके लिए..?

वहीं, AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, "मोदी सरकार ने एक महीने तक 'कॉकरोच मूवमेंट' को नज़रअंदाज़ किया और कोई भी जंतर-मंतर नहीं गया। वहीं, राहुल गांधी से मिलने के लिए विरोध-प्रदर्शन शुरू होने के सिर्फ़ एक घंटे के भीतर दो मंत्री और दो सेक्रेटरी पहुँच गए। राहुल गांधी जंतर-मंतर पर नहीं जाना चाहते, बल्कि वह चाहते हैं कि लोग उनके 100 लोगों वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल हों।"

महबूबा मुफ्ती का पोस्ट
PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती (@MehboobaMufti) ने पोस्ट किया, "राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की शर्मनाक गिरफ़्तारी भारत के लोकतंत्र पर एक और दाग है। जो सरकार सवालों से डरती है, वह अक्सर अपने आलोचकों की आवाज़ दबाने का रास्ता अपनाती है। विडंबना यह है कि 'जेन ज़ेड' (Gen Z) के लिए राहुल गांधी का संदेश 'डरो मत' अब खुद उन पर ही लागू हो रहा है। आज की सरकार विपक्ष के नेता से डरी हुई लग रही है। लोकतंत्र का गला ज़बरदस्ती घोंटा जा रहा है। अब सत्ता में बैठे लोगों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने का समय आ गया है।"

राजद नेता मनोज झा ने क्या कहा?
राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "मैं आपको एक बात बताता हूं, बात सिर्फ़ विपक्ष के एकजुट होने की नहीं है; मैंने पिछले 20 सालों में कई विरोध प्रदर्शन देखे हैं। मैं यूनिवर्सिटी लेवल पर भी इन विषयों का अध्ययन करता हूं, फिर भी मैंने लोगों का ऐसा स्वाभाविक और स्वतःस्फूर्त जमावड़ा कभी नहीं देखा। यह सत्ता के लिए एक सीधी चुनौती है... आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें चीज़ों को छिपाने की। बस जवाबदेही से शुरुआत कीजिए..."



भाजपा नेता ने क्या कहा
भाजपा सांसद मदन राठौड़ ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस और उसके सहयोगी वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल हंगामा करने में विश्वास रखते हैं। संसद में रचनात्मक बहस की बजाय विरोध प्रदर्शन को प्राथमिकता देना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।"

कॉक्रोच जनता पार्टी ने शुरू किया था प्रदर्शन
कॉक्रोच जनता पार्टी नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत की, लेकिन जल्द ही यह प्रदर्शन युवाओं के नेतृत्व वाले देशव्यापी आंदोलन में बदल गया। पार्टी ने मंगलवार को कहा कि वे नई दिल्ली में अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने अपना धरना-स्थल भी छोड़ने से इनकार कर दिया, जबकि एक दिन पहले ही पुलिस ने हज़ारों प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च करने से रोकने के लिए आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया था।

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