राम मंदिर में आखिरकार पहले CEO की नियुक्ति कर दी गई है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO बनाया गया है। बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट की मीटिंग में ये फैसला किया गया है। CEO सर्च कमेटी ने तीन नाम ट्रस्ट को दिए थे। इसके साथ साथ तीन नामों की एक सप्लीमेंट्री लिस्ट भी दी थी, इन सब नामों पर विचार हुआ और आखिर में ट्रस्ट ने आम सहमति से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई। राम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा ने कहा कि ये सब प्रभु राम की कृपा से हुआ है। पहले फौज में रहकर देश की सेवा कर रहे थे। अब रामलला की सेवा करेंगे। हालांकि, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने जितेन्द्र मिश्रा को CEO बनाए जाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
'RSS और बीजेपी ने एक फौजी को फंसा दिया'
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनाए जाने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा है कि RSS और बीजेपी ने एक हवाई जहाज उड़ाने वाले को उस काम में फंसा दिया है जो साधु संतों का होता है। इमरान मसूद ने कहा- "पंडित जी क्या पूजा-पाठ भी करते थे पहले। भाई ये काम साधु-संतों का है। अब एक एयर मार्शल साहब ने हवाई जहाज उड़ाया है, हवाई जहाज ही उड़ा लेते वो। अब RSS के चंगुल में फंस गए वो। अब कल को ये भी बेचारे बदनाम होकर निकलेंगे। क्या तमाशा है ये। मंदिर का काम मंदिर वालों को करने दो। RSS को राम मंदिर में चढ़ रहा पैसा दिख रहा है। अभी देखिए, ये हमारा विषय नहीं है। ये पूजा-पाठ अर्चना का काम साधु-संतों का है, उन्हीं पर रहने दो। इन्होंने राम मंदिर में भी CEO बैठा दिए। हमें कोई संदेह नहीं है, संदेह साधु-संतों को हो रहा है। ये डिमांड साधु-संत, अयोध्या के लोग उठा रहे हैं। हम उनकी बात को कह रहे हैं।"
राशिद अल्वी ने भी उठाए सवाल
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने को यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय नई नियुक्तियों को पुराने पाप पर लीपापोती की कोशिश बता रहे हैं। अजय राय ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी पुराने लोगों को चोर बताया और कहा कि अगर नए CEO में हिम्मत है तो चढ़ावा चोरी करने वालों पर एक्शन लेकर दिखाएं। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा- "मौजूदा BJP सरकार सुप्रीम कोर्ट के जजों को गवर्नर या राज्यसभा का सदस्य बना रही है। इससे लोगों के मन में शक पैदा होता है। और अब, आपने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर एक रिटायर्ड एयर चीफ को नियुक्त किया है। उनका इससे क्या लेना-देना है? मुझे हैरानी है कि क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' के पीछे कोई छिपा हुआ सच है, जिसकी वजह से उन्हें यहां CEO बनाया गया। BJP सरकार और हमारे प्रधानमंत्री की यह नीति देश को बर्बाद कर देगी। आज तक, राम मंदिर में डकैती करने वालों की पहचान सामने नहीं आई है, और न ही सभी दोषियों को गिरफ्तार किया गया है।"
कौन हैं जितेन्द्र मिश्रा?
43 साल तक एयरफोर्स में सर्विस देने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड के चीफ के तौर पर उन्होंने बेहद कुशलता पूर्वक युद्ध का संचालन किया और जब पीएम मोदी आदमपुर बेस पहुंचे तो जितेन्द्र मिश्रा ने ही उन्हें ऑपरेशन की बारीकियां बताईं। जितेन्द्र मिश्रा फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर भी रहे, फिर एयरफोर्स की वेस्टर्न कमांड का चीफ बने। एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर को कमांड किया। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके है। जितेन्द्र मिश्रा चार महीने पहले 30 अप्रैल 2026 को एयरफोर्स से रिटायर हुए और अब CEO के तौर पर राम मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालेंगे। अपनी नियुक्ति को जितेन्द्र मिश्रा ने प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद बताया है और कहा है कि बतौर सीईओ वो बेहद सकारात्मक तरीके से व्यवस्थाओं को चलाएंगे।
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