वक्फ बोर्ड के वकील को स्कॉर्पियो से कुचलवाया था, कांग्रेस ने अपने 2 नेताओं को पार्टी से किया सस्पेंड
हैदराबाद में वक्फ बोर्ड के पैनल वकील खाजा मोइजुद्दीन की हत्या सड़क हादसा नहीं बल्कि सुपारी किलिंग निकली। पुलिस ने कांग्रेस नेता महबूब आलम, उनके बेटे मुजाहिद आलम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

हैदराबाद: तेलंगाना कांग्रेस की अनुशासन समिति ने वरिष्ठ नेता महबूब आलम और उसका बेटा मुजाहिद आलम खान को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। दोनों पर वरिष्ठ अधिवक्ता और वक्फ बोर्ड के पैनल वकील खाजा मोइजुद्दीन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अनुशासन समिति के अध्यक्ष मल्लू रवि ने शुक्रवार को दोनों नेताओं के निलंबन की घोषणा की। इस बीच हैदराबाद पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह कोई साधारण सड़क हादसा नहीं, बल्कि पूरी तरह से प्लान की गई सुपारी किलिंग थी।
तैराकी के लिए निकले वकील को स्कॉर्पियो से कुचला
पुलिस के मुताबिक, खाजा मोइजुद्दीन की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, जिसमें महबूब आलम और उसका बेटा मुजाहिद आलम मास्टरमाइंड हैं। पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने बताया कि 23 मई की सुबह करीब 5:45 बजे खाजा मोइजुद्दीन अपने घर से तैराकी के लिए निकले थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट वाली एक स्कॉर्पियो ने तेज रफ्तार से उन्हें टक्कर मारी और मौके से फरार हो गई। गंभीर रूप से घायल मोइजुद्दीन को पहले महावीर अस्पताल और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिछले 10 सालों से दोनों में चल रहा था विवाद
सज्जनार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद नामपल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मुजाहिद आलम खान, महबूब आलम खान, किशन समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, खाजा मोइजुद्दीन और महबूब आलम खान के परिवार के बीच पिछले लगभग 10 सालों से मलकपेट और लकड़ी का पुल क्षेत्र की वक्फ संपत्तियों के प्रशासन, नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा था।
हत्या के लिए दी 15 लाख रुपये की सुपारी
दोनों पक्षों के बीच कई दीवानी, आपराधिक और वक्फ ट्रिब्यूनल से जुड़े मामले वर्षों से अदालतों में लंबित थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को लगता था कि खाजा मोइजुद्दीन की सक्रिय कानूनी भूमिका के कारण उन्हें लगातार कानूनी हार और सार्वजनिक अपमान का सामना करना पड़ रहा है। जांच में सामने आया है कि कानूनी मामलों में लगातार झटके मिलने से नाराज मुजाहिद आलम खान और उनके पिता ने कथित रूप से 15 लाख रुपये की सुपारी देकर खाजा मोइजुद्दीन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पिछले कई महीने से करवा रहे थे वकील की रेकी
पुलिस के मुताबिक, इस हत्या की प्लानिंग 2026 की शुरुआत से ही की जा रही थी। जनवरी 2026 से ही किराए पर रखे गए लोगों ने नामपल्ली स्थित वकील के घर के आसपास निगरानी शुरू कर दी थी और उनकी दिनचर्या पर नजर रखी जा रही थी। मुजाहिद आलम खान ने कथित तौर पर अपने करीबी सहयोगी हसन अली उर्फ चौस के माध्यम से 2 लाख रुपये देकर एक पुरानी और पहचान छिपाने योग्य गाड़ी खरीदवाई थी। पुलिस के अनुसार, मुजाहिद ने सीधे संपर्क करने के बजाय मुनीर और हसन अली के जरिए किशन उर्फ पप्पू से संपर्क किया।
पानीपत से हुई थी पहले आरोपी की गिरफ्तारी
पप्पू ने आगे विनय, अभिजीत, विक्रम और मणिदीप को इस वारदात को अंजाम देने के लिए नियुक्त किया। मामले में बड़ा सुराग 27 मई को मिला, जब पुलिस ने हरियाणा के पानीपत से किशन उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरी साजिश का खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने 29 मई को विशेष टीमों की मदद से मुजाहिद आलम खान को हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया। वहीं महबूब आलम खान और अन्य आरोपियों को शहर के विभिन्न ठिकानों से पकड़ा गया।
मर्डर केस में शामिल फरार लोगों की तलाश जारी
पुलिस ने पंचनामा के दौरान हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी, सुपारी के लिए रखी गई 10 लाख 10 हजार रुपये की नकदी और निगरानी तथा समन्वय में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस आयुक्त सज्जनार ने कहा कि गिरफ्तार सातों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर पूरे षड्यंत्र की गहराई से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी भी कुछ लोग फरार हैं। पुलिस को कम से कम तीन अन्य लोगों के भी इस साजिश में शामिल होने का संदेह है और उनकी तलाश जारी है।
कांग्रेस ने दोनों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित
जांच एजेंसियां पूरे राजनीतिक और आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इस मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त पी. प्रवीण कुमार और नामपल्ली पुलिस की टीम कर रही है। महबूब आलम खान और मुजाहिद आलम खान समेत गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 61(2)(ए) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा दोनों नेताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश और पूरे षड्यंत्र की जांच में जुटी हुई है।