अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणियों पर भारत ने बड़ा बयान दिया है। भारत ने कहा, हमने ये टिप्पणियां देखी हैं। भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी को ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से, दोनों पक्षों ने संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है। कई मौकों पर हम समझौते के बेहद करीब पहुंचे। खबरों में इन चर्चाओं का जो वर्णन किया गया है, वह सटीक नहीं है।
हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे पूरा करने के लिए तत्पर हैं। संयोगवश, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 के दौरान 8 बार फोन पर भी बात की है, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने व्यापार समझौते के लिए फिलहाल ट्रंप को फोन नहीं किया था।
भारत की ऊर्जा नीति किसी के दबाव में नहीं बदलेगी
अमेरिकी के प्रस्तावित 500 फीसदी टैरिफ बिल पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'एनर्जी सोर्सिंग के बड़े सवाल पर हमारा रुख जगजाहिर है। हम ग्लोबल मार्केट के बदलते डायनामिक्स और अपने 1.4 अरब भारतीय लोगों की एनर्जी सिक्योरिटी जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग सोर्स से सस्ती एनर्जी हासिल करने की जरूरत से गाइड होते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत की ऊर्जा नीति किसी दबाव में नहीं बदलेगी। हमारा ध्यान इस बात पर है कि भारत के लोगों को सस्ती ऊर्जा मुहैया कराई जाए। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनियाभर के बाजारों पर नजर बनाए हुए है।
Latest India News