संसद का मानसून सत्र चल रहा है और इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया। पहले से सबकी निगाहें इस बैठक पर टिकी थीं कि पीएम मोदी की इस बैठक के बाद क्या फैसला लेने वाले हैं। लेकिन इस बैठक में ऐसा कुछ खास नहीं हुआ बल्कि कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के सांसद शामिल रहे और यह महत्वपूर्ण-सत्रीय बैठक थी, जो काफी अंतराल के बाद हुई।
NDA संसदीय दल में पीएम मोदी ने कहा -
प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए बैठक में अमित शाह की खूब प्रशंसा की, पीएम ने कहा कि वह अब सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले केंद्रीय गृह मंत्री हैं।
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में डिटेल जानकारी दी और कहा कि विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा मांग कर पछता रहा होगा।
पीएम ने बैठक में कहा, पांच अगस्त को ही राम जन्मभूमि का भूमि पूजन हुआ था और ये बहुत महत्वपूर्ण दिन है। इसके साथ ही पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा, जम्मू कश्मीर में संविधान को लागू करना ही नहीं चाहती थी, हमने धारा 370 को हटाकर संविधान लागू किया जम्मू कश्मीर में।
इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को अपने अपने क्षेत्रों को घर घर तिरंगा अभियान मनाने के लिए कहा।
इसके अलावा राष्ट्रीय खेल दिवस (29 August )और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (23 august) भी अपने अपने क्षेत्रों में जाकर मनाने के लिए सांसदों को दिए निर्देश।
पहलगाम टेरर अटैक में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि
एनडीए संसदीय दल की मीटिंग में पहलगाम टेरर अटैक में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही भारतीय सेना के शौर्य और पाकिस्तान को बेनक़ाब करने के लिए भेजे गये डेलीगेशन पर प्रस्ताव भी आया। एनडीए की यह बैठक संसद के मानसून सत्र में गतिरोध के बीच हो रही है, जो पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिवसीय बहस को छोड़कर, काफी हद तक बाधित रहा है। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कार्यवाही रोक दी है।
पीएम मोदी की एनडीए गुट के साथ अहम बैठक
2024 के आम चुनाव के बाद से, जिसमें भाजपा ने अपना बहुमत खो दिया, लेकिन अपने सहयोगियों के साथ सत्ता बरकरार रखी, भाजपा ने एनडीए सहयोगियों को शामिल करने के लिए अपनी संसदीय बैठकों का विस्तार किया। पिछली बैठक 2 जुलाई को हुई थी, लेकिन हाल के सत्रों में ऐसी कोई बैठक नहीं हुई। लोकसभा चुनावों से पहले, मोदी नियमित रूप से साप्ताहिक भाजपा संसदीय दल की बैठकों को संबोधित करते थे। नए प्रारूप में टीडीपी, जेडी(यू) और एलजेपी (रामविलास) जैसे सहयोगी दल शामिल हैं। इन बैठकों में आमतौर पर प्रधानमंत्री शासन और राजनीतिक मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला को संबोधित करते हैं।
Latest India News