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'माइक्रो मैनेजमेंट से लेकर प्रवासी बंगाली कनेक्ट तक, पश्चिम बंगाल में BJP की रिकॉर्ड जीत, जानिए क्या रहे बड़े कारण?

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी का किला ध्वस्त कर दिया है। बीजेपी ने एक साल पहले से ही चुनावी मोड में एक्टिव थी। इसका परिणाम अब देखने को मिला है।

बीजेपी की जीत का जश्न मनाते कार्यकर्ता- India TV Hindi
Image Source : PTI बीजेपी की जीत का जश्न मनाते कार्यकर्ता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रिकॉर्ड जीत दर्ज करते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। लगातार तीन बार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को बीजेपी ने बुरी तरह से हरा दिया है। पार्टी की इस सफलता के पीछे लंबे समय से चलाए गए अभियान, बूथ स्तर तक मजबूत संगठन और आक्रामक प्रचार रणनीति को अहम माना जा रहा है।

बीजेपी ने चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कई बड़े अभियान चलाए। पार्टी की इस सफलता के पीछे लंबे समय से चलाया गया संगठनात्मक विस्तार और चुनावी रणनीति को भी अहम माना जा रहा है। यहां विस्तार से जानिए बंगाल में बीजेपी की जीत के बड़े कारण क्या हैं? 

  •  नरेंद्र कप (फुटबॉल टूर्नामेंट) – 1200 पुरुष टीमों (18,000 खिलाड़ी) और 253 महिला टीमों की भागीदारी, युवाओं से सीधा जुड़ाव।
  • वंदे मातरम 150 वर्ष – पदयात्रा, तिरंगा वितरण, सामूहिक गायन जैसे कार्यक्रमों में 1 लाख+ लोगों की सहभागिता।
  • परिवर्तन यात्रा – 9 यात्राएं, 217 विधानसभा क्षेत्र कवर, 560 कार्यक्रमों में 7 लाख+ लोग जुड़े।
  • बूथ सशक्तिकरण अभियान – 70,671 बूथों पर समितियां, 8,76,765 कार्यकर्ताओं की नियुक्ति से मजबूत नेटवर्क।
  • फोकस विधानसभा/बूथ योजना – 210 फोकस सीटें चिन्हित कर माइक्रो लेवल पर काम।
  • चार्जशीट अभियान – Amit Shah द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ आरोप-पत्र, 220 विधानसभा क्षेत्रों में मुद्दों को उठाया गया।
  • भरोसा कार्ड अभियान – 2 करोड़+ फॉर्म (1.6 करोड़ महिलाएं, 40 लाख युवा), बड़े वोट बैंक को साधा।
  • धार्मिक-सामाजिक संपर्क – 6,250 स्थानों पर कार्यक्रम, 2 लाख+ लोगों से संपर्क।
  • प्रवासी बंगाली कनेक्ट – 21 राज्यों से 9,498 लोग प्रचार में शामिल।
  • नुक्कड़ और ग्राउंड कैंपेन – 8,315 स्ट्रीट कॉर्नर, 1.96 लाख ड्रॉइंग रूम बैठकें।
  • क्लब और NGO संपर्क – 19,250 संगठनों से जुड़ाव।
  • बड़ी रैलियां और जनसभा – 61 नेताओं के 600+ कार्यक्रम, कोलकाता ब्रिगेड रैली में 7.5 लाख की भीड़।
  • टॉप लीडरशिप का जोर – प्रधानमंत्री Narendra Modi की 19 रैलियां, 2 रोड शो; गृहमंत्री अमित शाह के 40 कार्यक्रम।
  • अन्य नेताओं का अभियान – 9 मुख्यमंत्रियों की 101 सभाएं, 25 प्रदेश नेताओं के 232 कार्यक्रम।
  • माइक्रो मैनेजमेंट – ‘चुप चाप कमल छाप’ अभियान से बूथ स्तर पर वोटिंग बढ़ाने की रणनीति।
  • रोजगार और युवा एजेंडा – ‘चाकरी चाई बांग्ला’ अभियान के जरिए युवाओं का पंजीकरण।
  • प्रभावी नारे (नेरेटिव) –
    “बाचते चाई बीजेपी ताई”, 
    “पलटानों दरकार, चाई बीजेपी सरकार”
    “भय OUT, भरोसा IN”

इन सभी कारकों ने मिलकर बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत की मजबूत नींव तैयार की। इसके साथ ही मजबूत संगठन, बूथ मैनेजमेंट, बड़े पैमाने पर जनसंपर्क और आक्रामक प्रचार अभियान ने मिलकर बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत की नींव रखी।

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