VD Satheesan Exclusive Interview: केरल की राजनीति को लेकर पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम ने बड़ा संकेत दे दिया है। कांग्रेस की लीडरशिप वाले UDF गठबंधन की रिकॉर्ड जीत ने ना सिर्फ केरल की मौजूदा लेफ्ट सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरणों को भी नई दिशा दी है। UDF की इस बड़ी विजय, केरल में बीजेपी के प्रदर्शन, सीपीएम की स्ट्रैटेजी और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति पर, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने INDIA TV से एक्सक्लूसिव बातचीत की। इस आर्टिकल में पढ़ें कांग्रेस नेता वीडी सतीसन ने केरल के स्थानीय निकाय चुनाव में UDF के प्रदर्शन पर क्या-क्या कहा।
सवाल: पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन UDF को बड़ी जीत मिली है। आप इस जीत को कैसे देखते हैं, खासकर तब जब यह केरल विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले ही आई है?
जवाब: वीडी सतीसन ने कहा कि बिल्कुल, यह जीत 2026 के अप्रैल में होने वाले केरल विधानसभा चुनाव में हमारे लिए ऊर्जा और उत्साह का काम करेगी। आप जानते हैं कि केरल में लोकल बॉडी इलेक्शन, देश के अन्य राज्यों से अलग होते हैं, क्योंकि यहां पूरी तरह से एक सियासी मुकाबला होता है। तीन-स्तर की स्थानीय निकाय प्रणाली में हर मोर्चे और हर पार्टी के करीब एक लाख उम्मीदवार मैदान में होते हैं। तीनों मुख्य गठबंधनों के 25 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स होते हैं। इसलिए यह एक साफ राजनीतिक लड़ाई थी। हमने मौजूदा केरल सरकार के खिलाफ एक तरह से चार्जशीट पेश की और बीजेपी को भी बेनकाब किया जो समाज में सांप्रदायिक आधार पर विभाजन करने की कोशिश करती है।
चुनाव के दौरान हमने इन सारे मुद्दों को जनता के सामने रखा। इसके साथ ही, हम एक घोषणा-पत्र भी लाए, जिसमें साफ कहा गया कि जिन मुद्दों पर केरल की मौजूदा सरकार विफल रही है, वहां हम उनसे बेहतर ऑप्शन दे सकते हैं। हमारी प्रचार लाइन ही यही थी कि यह केरल की अब तक की सबसे अक्षम सरकार है और जनता ने इसे माना। साल 1995 में नगरपालिका एक्ट और पंचायत एक्ट लागू होने के बाद से अब तक केरल में 7 चुनाव हो चुके हैं। 1995 से लेकर 2025 तक, यह हमारी सबसे बड़ी जीत है, यानी पिछले तीन दशकों में हमारे गठबंधन UDF की यह सबसे बड़ी जीत है।
सवाल: क्या आपको पहले से लोकल बॉडी इलेक्शन में ऐसी जीत की उम्मीद थी या आप इससे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे?
जवाब: उन्होंने बताया कि यह हमारा बेस्ट परफॉर्मेंस है। यह और बेहतर होने वाला है। आने वाले केरल विधानसभा चुनाव में हम कुल 140 में से 100 से ज्यादा सीटें जीतने का टारगेट लेकर चल रहे हैं। हमारा लक्ष्य केरल में 100 से अधिक सीटें जीतना है।
सवाल: बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम में पहली बार जीत दर्ज की है। क्या आप इसे अपने केरल के किले के लिए खतरा मानते हैं?
जवाब: वीडी सतीसन ने कहा नहीं, बिल्कुल नहीं। यह सीपीएम की स्ट्रैटेजी का परिणाम है। सीपीएम जो है वह बहुसंख्यक समुदाय को खुश करने और उनके वोटों के एकजुट करने की कोशिश कर रही थी। हमने पहले ही सीपीएम और मुख्यमंत्री को चेताया था कि अगर आप बीजेपी के ही रास्ते पर चलेंगे और सिर्फ बहुसंख्यक वोटों को साधने का प्रयास करेंगे, तो इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। तिरुवनंतपुरम में यही हुआ। लेकिन बाकी जगहों पर बीजेपी वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई, जैसा वह चाहती थी। बीजेपी को जो वोट मिले हैं वह सीपीएम के हिस्से के हैं, वह हमारे वोट नहीं हैं।
सवाल: केरल से दूर बैठे दिल्ली के कुछ राजनीतिक लोगों का मानना है कि अगर केरल में बीजेपी मजबूत होती है, तो कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां उसके खिलाफ एकजुट हो सकती हैं।
जवाब: उन्होंने इस कयास को नकारते हुए कहा कि नहीं, केरल में हमको सीपीएम के साथ हाथ मिलाने की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन अपने दम पर केरल का अगला विधानसभा चुनाव जीतने में सक्षम है। हमें सीपीएम के सपोर्ट की जरूरत नहीं है। हम बीजेपी और सीपीएम- दोनों से समान दूरी बनाए हुए हैं।
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