PM मोदी को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर मचा सियासी घमासान, भाजपा नेताओं ने खोला मोर्चा, कहा- 'ऐसा विपक्ष का नेता, लोकतंत्र का दुर्भाग्य'
PM मोदी को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और संदीप दीक्षित दोनो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।

कांग्रेस सांसद और लोकरसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। दरअसल, गुरुवार की शाम दिल्ली में 'रचनात्मक कांग्रेस' नाम से एक कार्यक्रम था। उसमें राहुल गांधी ने पीएम मोदी का मजाक उड़ाया। कहा कि उन्होंने मोदी की नींद उड़ा दी है। अमित शाह को इतना डरा दिया है कि वो संसद में आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। राहुल ने कहा कि Head of State से गले मिलने को पीएम मोदी, विदेश नीति समझते हैं। इसलिए वो जहां भी जाते हैं विदेशी नेताओं के गले पड़ जाते हैं। इस दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित से गले लगकर एक्ट भी किया। इस दौरान संदीप दीक्षित ने भी पीएम मोदी और इटली की प्राइम मिनिस्टर जॉर्जिया मेलोनी को लेकर ऐसी बात कही, जो काफी विवादित थी।
ऐसा विपक्ष का नेता दुर्भाग्य- जेपी नड्डा
राहुल गांधी के ताजा बयान पर सियासी बखेड़ा शुरू हो गया है। बीजेपी के नेता राहुल गांधी पर अटैकिंग मोड में है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर बड़ा अटैक किया है। जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी जैसे लोग। नेता प्रतिपक्ष हैं ये देश के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था, ये देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है। कांग्रेस के लिए भी इससे दुख का क्या विषय होगा की उन्हें राहुल गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है।
ऐसी टिप्पणियां ओछी और निंदनीय- राजनाथ सिंह
इस पूरे मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- "पीएम मोदी और भारत की विदेश नीति पर राहुल गांधी की टिप्पणियां ओछी और निंदनीय हैं। मैंने किसी भी विपक्ष के नेता (LoP) का ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार कभी नहीं देखा। राहुल गांधी ने न केवल पीएम का, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी अपमान किया है। मैं सोच भी नहीं सकता कि गांधी उपनाम वाला कोई व्यक्ति ऐसी शर्मनाक टिप्पणी कर सकता है।"
राहुल गांधी के बयान 'अशिष्ट, अभद्र और फूहड़'- बांसुरी
इस पूरे मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा- "विपक्ष के नेता राहुल गांधी का व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था, और यह उनकी हताशा को दिखाता है। परिवार में प्रधानमंत्री होने के बावजूद, वे विदेश नीति को समझने में नाकाम रहे हैं। उनकी विदेश नीति अब विदेश जाने और भारत की आलोचना करने तक ही सीमित रह गई है।" वहीं, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयानों को 'अशिष्ट, अभद्र और फूहड़' करार दिया और कहा कि वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कम और एक 'विफल स्टैंड-अप कॉमेडियन' ज्यादा लग रहे थे।"
ये माताओं और बहनों का अपमान- शिवराज सिंह चौहान
राहुल गांधी और संदीप दीक्षित के बयान पर मचे विवाद को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- "मैंने विपक्ष के नेता का व्यवहार देखा-लोगों को गले लगाना और विदेश नीति पर बात करना-जबकि उसी पार्टी के एक अन्य सदस्य ने एक स्वतंत्र और संप्रभु देश के प्रधानमंत्री के बारे में अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया। यह दुनिया भर की माताओं और बहनों का अपमान है"
इन्होंने शालीनता की सारी हदें पार की- CM हिमंता
पीएम मोदी को लेकर राहुल गांधी के बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा- "कांग्रेस के वंशवादी नेतृत्व ने एक बार फिर शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। एक मित्र देश की महिला राष्ट्राध्यक्ष के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जबकि मंच पर और दर्शकों में मौजूद महिलाएं भी उस पर हंसती रहीं। यह सिर्फ राजनीतिक अशिष्टता नहीं है, बल्कि भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी है। जब महिलाओं का अपमान मजाक का जरिया बन जाए, तो यह उस संस्कृति के बारे में बहुत कुछ कहता है जिसे बढ़ावा दिया जा रहा है। शर्मनाक।"
अमित मालवीय ने बोला कांग्रेस पर हमला
भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय ने भी इस पूरे मामले को लेकर राहुल गांधी और संदीप दीक्षित पर बड़ा हमला बोला है। अमित मालवीय ने कहा- "राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की बातों से साफ पता चलता है, ये सिर्फ "लॉकर-रूम बातचीत" से कहीं ज्यादा परेशान करने वाली बात है। इस घटिया सोच को हल्के-फुल्के शब्दों में छिपाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। असल बुराई इस बात में है कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को सम्मान की हकदार पेशेवर, नेता और इंसान मानने के बजाय, सिर्फ अपनी इच्छा पूरी करने की चीज समझा जाता है। यह मामला 'पॉलिटिकली इनकरेक्ट' होने का नहीं है। यह बुनियादी तहजीब का मामला है। जब सार्वजनिक जीवन में रहने वाले पुरुष महिलाओं के बारे में इतनी गिरी हुई बातें करते हैं, तो उनकी बहुत ही विकृत सोच सामने आती है। महिलाएं न तो उनकी कल्पनाओं को पूरा करने का जरिया हैं और न ही उन पर भद्दी यौन टिप्पणियां की जा सकती हैं। इसके लिए "लॉकर-रूम" वाला बहाना नहीं चलना चाहिए। कुछ हरकतें सचमुच बहुत घिनौनी होती हैं।"
अमित मालवीय ने कहा- "पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की ओर से शर्मनाक और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया, उनकी विदेश नीति का मजाक उड़ाया गया और एक विदेशी महिला नेता को अपमानजनक सार्वजनिक ताने में घसीटा गया। इससे साफ पता चलता है कि कांग्रेस किस हद तक गिर चुकी है। राजनीतिक बहस की जगह निजी हमले कर के कांग्रेस एक मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी के तौर पर अपनी विश्वसनीयता और कम कर लेती है। कांग्रेस की राजनीतिक बातचीत में आई यह गिरावट साफ दिख रही है और चुनाव में उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अमित मालवीय ने किया शीला दीक्षित का जिक्र
अमित मालवीय ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की मां को भी याद किया। अमित मालवीय ने कहा- "साल 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर दुख जताया था कि शीला दीक्षित पर भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोपों के जरिए अपमान किया गया था। उनके बेटे संदीप दीक्षित राहुल गांधी के साथ मंच साझा कर के पीएम मोदी का मजाक उड़ाने के स्तर तक गिर रहे हैं। घरेलू राजनीति में कीचड़-उछालते समय किसी विदेशी नेता को घसीटना और उसे सस्ते मजाक में बदलना, किसी भी गंभीर राजनीतिक चर्चा के स्तर से नीचे की बात है। किसी महिला विदेशी नेता को ऐसे मज़ाक में घसीटना इसे और भी भद्दा बना देता है।"
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