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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर CM धामी का राहुल गांधी पर हमला, बोले- 'देश सब देख रहा है'

हरिद्वार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा, कांग्रेस की राजनीति और हल्द्वानी विवाद को लेकर सवाल उठाए।

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Image Source : X.COM/PUSHKARDHAMI हरिद्वार में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

Highlights

  • CM धामी ने राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री पद की गरिमा का मुद्दा उठाया।
  • धामी बोले, मोदी सरकार ने देश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया है।
  • हल्द्वानी विवाद पर कांग्रेस को घेरते हुए धामी ने दलित कार्ड और विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाया।

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में शुक्रवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। धामी ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता राहुल गांधी के शब्दों, संस्कारों और उनकी सोच को देख रही है।

‘प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा लोकतंत्र में स्वीकार नहीं’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि वह निराशा या कुंठा से घिरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि हैं और उनके पद की एक गरिमा है। किसी सभ्य लोकतंत्र में प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। धामी ने कहा,

'नेता प्रतिपक्ष का पद बेहद सम्मानित और जिम्मेदारी वाला पद है। इस पद पर बैठे व्यक्ति से देश की संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप व्यवहार की उम्मीद की जाती है। भारतीय संस्कृति में बड़ों का सम्मान करने और उनका नाम भी सम्मान के साथ लेने की परंपरा रही है। उन्हें न देश की संस्कृति का ज्ञान है और न ही प्रधानमंत्री पद की गरिमा का एहसास। कांग्रेस नेता केवल विवादित बयानबाजी करते हैं।'

‘नीति और मुद्दे नहीं बचते तो गाली-गलौज पर उतर आते हैं’

सीएम धामी ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के पास न नीति होती है, न नीयत और न ही कोई ठोस मुद्दा बचता है, तो वह इसी तरह की अभद्र भाषा और गाली-गलौज पर उतर आता है। उन्होंने कहा कि जब हार सामने दिखाई देने लगती है, तो इस तरह की बयानबाजी और बढ़ जाती है। कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए धामी ने कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि देश की जनता उनके शब्दों के साथ-साथ उनके संस्कार और उनकी सोच को भी देख रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आक्रामक रवैये और अहंकार के कारण जनता उन्हें लगातार नकार रही है और आगे भी उनकी ‘ओछी राजनीति’ को स्वीकार नहीं करेगी।

‘मोदी के नेतृत्व में देश अपनी विरासत से जुड़ रहा’

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व पर बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए विभाजन के दर्द और लाखों निर्दोष लोगों की मौत से जुड़े इतिहास को दबाकर रखा। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को विभाजन के दर्द और उसके परिणामों से परिचित कराना है, ताकि देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए लोग हमेशा जागरूक रहें।

‘धारा 370 से लेकर CAA तक, कई बड़े फैसले लिए गए’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश को एकजुट करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक जैसी प्रथा को खत्म करना और नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि वक्फ से जुड़े कानून में संशोधन और 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे फैसलों के जरिए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को मजबूत किया जा रहा है। धामी ने कहा कि आज का नया भारत अपनी विरासत पर गर्व करता है और अपनी सीमाओं पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना भी जानता है।

हल्द्वानी विवाद को लेकर कांग्रेस पर बोला हमला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी की रैली के बाद उठे विवाद को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक प्रायोजित विवाद खड़ा कर ‘दलित कार्ड’ खेलने की कोशिश की, जो बेहद शर्मनाक है। धामी ने कहा कि वहां जातिवाद से जुड़ा कोई नारा नहीं लगाया गया था। उनके मुताबिक, कुछ धार्मिक नारे लगाए गए थे और इसके बाद कुछ स्वयंसेवी संगठन सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलीला जैसे पवित्र मंच का दुरुपयोग हुआ और इसी मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई।

खरगे से बोले धामी, ‘ऐसी राजनीति शोभा नहीं देती’

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खरगे वरिष्ठ नेता हैं और खुद कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ काम किया है। ऐसे में उनके कद और सम्मानित पद को इस तरह की राजनीति शोभा नहीं देती। धामी ने आरोप लगाया कि सिर्फ चुनाव जीतने के लिए समाज में विभाजन पैदा करना और दलित कार्ड के जरिए लोगों को आपस में लड़ाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर ‘बांटो और राज करो’ की पुरानी राजनीति अपनाने का आरोप लगाया।

‘कांग्रेस का दलित प्रेम सिर्फ वोट तक सीमित’

धामी ने कहा कि कांग्रेस का दलित प्रेम केवल चुनाव के समय दिखाई देता है और इसका उद्देश्य वोट हासिल करना है। इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार शोषित और वंचित समाज को उनके अधिकार और सम्मान देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। धामी ने कहा कि इसी सोच के साथ देश और उत्तराखंड को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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