बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार सुबह पीएम मोदी के साथ मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस दौरान काफी विस्तार से बात हुई और काफी अच्छी बात हुई। राघव चड्ढा ने एक्स पर लिखा, "एक ऐसी सुबह जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला। एक डिटेल्ड और अच्छी बातचीत हुई। उनके इतने समय और उनकी समझ और गाइडेंस से फायदा उठाने के मौके के लिए बहुत आभारी हूं।"
संसद के मानसून सत्र के दौरान राघव चड्ढा ने डॉक्टरों और पैथोलॉजी लैब के बीच कमीशनखोरी का मुद्दा भी उठाया था। सदन में उनके भाषण की जमकर तारीफ हुई थी। राघव चड्ढा ने बताया था कि मरीजों को जबरन टेस्ट के लिए तय लैब भेजा जाता है। लैब संचालक मरीजों से ज्यादा पैसा वसूलते हैं और इसका एक हिस्सा डॉक्टर के खाते में जाता है।
भाजपा में शामिल होने के बाद पहली मुलाकात
राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात थी। राघव चड्ढा ने इससे पहले पीएम मोदी की तारीफ की थी। इस समय पीएम मोदी सबसे लंबे समय तक निवार्चित पीएम बने थे। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था। राघव चड्ढा ने लंबा-चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा था कि इतिहास रच दिया गया है। उन्होंने लिखा था, "भारत आम तौर पर एक देश नहीं है। यह 1.4 अरब लोगों की सभ्यता है। 22 तय भाषाओं और सैकड़ों बोलियों की धरती; कई धर्मों, जातियों, समुदायों और पंथों की; अनगिनत क्षेत्रों और जीवन के तरीकों की, जो साथ-साथ रहते हैं। हम दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी हैं, जिसके वोटर लगभग 98 करोड़ हैं, जो पूरे यूरोप में रहने वाले लोगों से भी ज़्यादा है। यह हमारे चुनाव को शायद दुनिया भर में सबसे मुश्किल चुनाव बनाता है। फिर भी, इन 1.4 अरब लोगों में से, एक ही नेता को बार-बार देश की कमान सौंपी गई है। 2014, 2019, 2024 में भारत के लोगों से लगातार तीन बार जनादेश, हर बार विश्वास का नया काम। इतने बड़े और अलग-अलग तरह के देश का भरोसा एक बार भी जीतना कमाल की बात है। इसे बिना रुके तीन बार जीतना बहुत खास है।"
राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष हैं राघव
राघव चड्ढा को मई में राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। राज्यसभा के सभापति सी.पी.राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस समिति के लिए नामित किया था। समिति में चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी. अन्य सदस्य हैं।
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