इंडिया टीवी के कार्यक्रम ‘कॉफी पर कुरुक्षेत्र’ में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की मौजूदा राजनीतिक रणनीति, छात्रों के मुद्दे, शिक्षा व्यवस्था और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में एंकर सौरभ शर्मा के साथ वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह, राजनीतिक विश्लेषक मनोज कुमार सिंह और इंडिया टीवी के पॉलिटिकल एडिटर देवेंद्र पाराशर ने अपने विचार रखे।
तैयारी में जुटी बीजेपी की नई टीम
चर्चा के दौरान कहा गया कि पिछले कुछ हफ्तों में सरकार और बीजेपी के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां आईं, लेकिन अब पार्टी ने अपनी नई टीम बनाई है और आगे की तैयारियों में जुट गई है। विश्लेषकों ने दावा किया कि सरकार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर नए कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री के 15 अगस्त के संबोधन में युवाओं के लिए एआई ट्रेनिंग और कोचिंग से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया गया।
राहुल की क्या है रणनीति?
राहुल गांधी की रणनीति पर चर्चा करते हुए विश्लेषकों ने कहा कि उन्होंने छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन इन मुद्दों को लगातार एक ही तरीके से दोहराने से राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है। 20 जुलाई के दिल्ली प्रदर्शन और उस दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया का भी जिक्र हुआ। कार्यक्रम में बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा है और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है।
पैनल में राहुल गांधी के राजनीतिक तौर-तरीकों की आलोचना भी हुई। विश्लेषकों ने कहा कि राहुल गांधी किसी मुद्दे पर तेजी से राजनीतिक माहौल बनाते हैं, लेकिन उस मुद्दे को लंबे समय तक राजनीतिक लाभ में बदलने की रणनीति स्पष्ट नहीं दिखाई देती। इसके विपरीत नरेंद्र मोदी के बारे में दावा किया गया कि वह राजनीतिक चुनौतियों से मिले सबक के आधार पर संगठन और सरकार में बदलाव करने की कोशिश करते हैं।
आंदोलनों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य?
शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर विश्लेषकों ने कहा कि स्कूलों में समस्याएं वास्तविक हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह व्यवस्था में सुधार करे। हालांकि, कार्यक्रम में यह सवाल भी उठाया गया कि अलग-अलग राज्यों में स्कूलों से जुड़े आंदोलनों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य तो नहीं है। आम आदमी पार्टी से कथित संबंधों और दिल्ली में आंदोलन किए जाने के कारणों पर भी चर्चा हुई।
आम आदमी पार्टी के लिए पंजाब चुनाव अहम
इसके अलावा आगामी चुनावों को लेकर पंजाब का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। पैनल में यह राय सामने आई कि पंजाब आम आदमी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राज्य है और वहां होने वाले चुनाव का पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाने के बजाय कांग्रेस को अपनी नीतियों, संगठन और राज्यों में अपने काम को भी जनता के सामने रखना चाहिए।
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(डिस्क्लेमरः यह आर्टिकल कार्यक्रम में हुई चर्चा पर आधारित है और कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए विचार मेहमानों के निजी विचार हैं।)
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