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तमिलनाडु में 'सिंघम' को बीजेपी ने किया साइडलाइन? कैंडिडेट्स की लिस्ट में नहीं है अन्नामलाई का नाम

बीजेपी के सिंघम अन्नामलाई अचानक तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के केंद्र में आ गए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है जबकि कइयों का कहना है कि पार्टी ने उन्हें राज्यभर में प्रचार के लिए प्रमुख चेहरा बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

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Image Source : PTI के. अन्नामलाई अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए जाने जाते हैं।

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी की लिस्ट के जारी होते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने 27 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, लेकिन हैरानी वाली बात यह रही कि पार्टी के तेज-तर्रार नेता और जनता के बीच ‘सिंघम’ कहे जाने वाले के. अन्नामलाई का नाम इस सूची में शामिल नहीं है। तमिलनाडु में बीजेपी को पिछले कुछ सालों में उभारने में अहम योगदान देने वाले अन्नामलाई का नाम लिस्ट में न होना कई सियासी पंडितों को चौंका रहा है।

वरिष्ठ नेताओं को टिकट, अन्नामलाई बाहर

बीजेपी ने अपनी सूची में कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है। तमिलिसाई सौंदरराजन को मायलापुर, वानति श्रीनिवासन को कोयंबटूर नॉर्थ और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन को अविनाशी से उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि, अन्नामलाई का नाम न होना राजनीतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि उन्हें राज्य में बीजेपी का प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है। बता दें कि पार्टी नेतृत्व पहले भी संकेत दे चुका है कि अन्नामलाई की संगठनात्मक क्षमता का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कई मौकों पर उनके काम की सराहना की है।

लिस्ट में नाम न होने पर क्या बोल अन्नामलाई?

गौरतलब है कि पिछले साल नैनार नागेंद्रन को राज्य बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था, जिससे अन्नामलाई की भूमिका में बदलाव के संकेत पहले ही मिल चुके थे। उम्मीदवार सूची से बाहर होने के बावजूद अन्नामलाई ने पार्टी के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने सभी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि वे तमिलनाडु के हर उस नागरिक का प्रतिनिधित्व करते हैं जो भ्रष्टाचार और मौजूदा सरकार से परेशान है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश ने मजबूती और विकास के साथ आगे बढ़ना सीखा है। लिस्ट में देखें बीजेपी ने किस नेता को कहां से टिकट दिया है:

विधानसभा सीट नेता
अवदी श्री एम. राजसिम्हा महिंद्रा (एम. अश्विनकुमार)
मायलापुर डॉ.तमिलिसाई सौंदरराजन
थल्ली डॉ. नागेश कुमार
तिरुवन्नामलाई श्री सी. एलुमलाई
रासीपुरम (एससी) डॉ. एस.डी. प्रेमकुमार
मोदक्कुरिची कीर्तिका शिवकुमार
उधगमंडलम भोजराजन
अवनाशी (एससी) डॉ. एल. मुरुगन
तिरुप्पुर (दक्षिण) एस. थंगराज
कोयंबटूर (उत्तर) वनथी श्रीनिवासन
तिरुवरुर गोवी चंद्रू
तंजावुर एम. मुरुगानंदम
गंधर्वकोट्टई (एससी) सी. उदयकुमार
पुदुक्कोट्टई एन.रामचंद्रन
अरन्थांगी कविता श्रीकांत
तिरुप्पत्तूर के.सी. थिरुमरन
मनामदुरै (एससी) पोन. वी. बालगणपति
मदुरै दक्षिण प्रो. रामा श्रीनिवासन
सत्तूर नैनार नागेंथ्रान
रामनाथपुरम जीबीएस के. नागेंद्रन
तिरुचेंदूर केआरएम राधाकृष्णन
वासुदेवनल्लूर (एससी) अनंत अय्यासामी
राधापुरम एस.पी. बालाकृष्णन
नागरकोइल एम.आर. गांधी
कोलाचेल टी. शिवकुमार
पद्मनाभपुरम पी. रमेश
विलावनकोड एस विजयधरानी
 

DMK पर अन्नामलाई ने बोला जोरदार हमला

अन्नामलाई ने DMK सरकार पर हमला करते हुए उसे 'असफल, घमंडी और स्वार्थी' बताया। उन्होंने कहा कि वह एक कार्यकर्ता के रूप में सभी बीजेपी और NDA उम्मीदवारों के साथ मिलकर प्रचार करेंगे और गठबंधन को 210 सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई 2020 में बीजेपी में शामिल हुए थे और बहुत कम समय में राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बन गए। उन्होंने गांव-गांव जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाने और पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

क्या अन्नामलाई को साइडलाइन किया गया?

अधिकांश सियासी पंडितों का मानना है कि AIADMK से अन्नामलाई के तल्ख रिश्तों को देखते हुए अन्नामलाई को विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं दिया गया है, लेकिन इसे उन्हें साइडलाइन किए जाने के रूप में देखना गलती होगी। दरअसल, अन्नामलाई को टिकट देने पर गठबंधन में संदेश अच्छा नहीं जाता और सीनियर पार्टनर AIADMK नेतृत्व इससे नाराज हो सकता था। ऐसे में बीजेपी को उन्हें सिर्फ एक उम्मीदवार के रूप में सीमित करने के बजाय पूरे राज्य में प्रचार का चेहरा बनाए रखना ज्यादा सही लगा। बीजेपी नेतृत्व ने समय-समय पर अन्नामलाई की सराहना की है, और ऐसे में माना जा सकता है कि आने वाले दिनों में उन्हें बड़ी भूमिका में देख सकते हैं।

Image Source : PTIपार्टी नेतृत्व का अन्नामलाई पर भरोसा बना हुआ है।

33 सीटों पर BJP के सिंबल पर लड़ेंगे उम्मीदवार

तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी। इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और NDA के बीच माना जा रहा है, जिसमें AIADMK प्रमुख भूमिका में है। बता दें कि बीजेपी को भले ही गठबंधन में 27 सीटें मिली हैं, लेकिन उसके सिंबल यानी कि 'कमल' पर 33 उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे। ये उम्मीदवार सहयोगी पार्टियों के होंगे, लेकिन बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। आइए, आपको बताते हैं कि NDA में सीटों का बंटवारा कैसे हुआ है:

सीट बंटवारे में किसे कितनी सीटें मिलीं:

  1. AIADMK: 169 सीट
  2. BJP: 27 सीट
  3. PMK: 18 सीट
  4. AMMK: 11 सीट
  5. तमिल मानिला कांग्रेस: 5 सीट
  6. IJK: 1 सीट
  7. पुराची भारतम: 1 सीट

इस बीच अभिनेता से नेता बने विजय भी इस चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं। ऐसे में इस बार के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। फिलहाल बीजेपी की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम न होना सूबे की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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