उत्तर प्रदेश में अभी तक कुल 123 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जिनमें से 17 लोग संक्रमण मुक्त होकर घर लौट चुके हैं। वहीं तबलीगी जमात मामले से संबंधित 429 लोगों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने गुरुवार को कहा, "तबलीगी जमात के बहुत सारे लोगों को पृथक रखा गया है। उनमें से 429 लोगों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है। अन्य के नमूने लिए जा रहे हैं।’’
उन्होंने बताया, ‘‘आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि इस बीमारी के लिए लॉकडाउन से बेहतर कोई विकल्प नहीं था और अब जो समय है, हम ‘क्रिटिकल स्टेज’ (संवेदनशील मोड़ पर) पर हैं।’’ प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सलाह दी है कि अगर आप मास्क लगाते हैं तो दूसरों को संक्रमित नहीं करेंगे और खुद भी संक्रमित नहीं होंगे।
देखें, उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में कहा कितने मामले
Uttar Pradesh district wise coronavirus case till April 2nd
उनके मुताबिक, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष तौर पर कहा कि बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए। खास करके वृद्धाश्रमों पर। वहां चिकित्सा और साफ-सफाई का पुख्ता इंतजाम हो ताकि संक्रमण की गुंजाइश ना रहे।’’ प्रमुख सचिव ने बताया, ‘‘इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जितने भी लोग सीधे तौर पर कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने में हमारी मदद कर रहे हैं, उनको, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम, नर्सों और आशा को प्रशिक्षण दिया जाए। इन सब के द्वारा घर-घर जानकारी पहुंचायी जाए कि कैसे इस संक्रमण से बचाव करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका है .
सावधान रहना। सावधान रहकर, हाथ धो कर और सामाजिक मेलजोल में कमी करके हम इसका मुकाबला कर सकते हैं।’’ प्रसाद ने कहा कि हम लोगों को उनके घरों तक सीमित रख रहे हैं और इससे संक्रमित लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘तीन-चार दिन पहले तक एक दिन में 19-20 मरीज सामने आ रहे थे, लेकिन कल से आज तक केवल आठ मामले आए हैं। कल भी केवल 12 मामले आए थे।’’
प्रसाद ने कहा, ‘‘जनता का अपार सहयोग मिल रहा है। केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं बल्कि सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी इसमें जोर-शोर से लगे हुए हैं। चाहे वह लॉकडाउन को सफल बनाना हो, या फिर सामाजिक मेलजोल से दूरी बनाकर रखना।’’ उन्होंने कहा कि संदिग्धों को पृथक करके उनकी जांच हो और उसके बाद अगर जरूरत पड़े तो उनका उपचार हो, इसमें पूरे प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है और उसी का नतीजा है कि अभी तक सिर्फ 16 जिले ही प्रभावित हुए हैं।
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