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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश 1992 के बाद रामलला और मंदिर स्‍टाफ को मिली सबसे बड़ी बढ़ोतरी, प्रधान पुजारी की सैलरी भी बढ़ी

1992 के बाद रामलला और मंदिर स्‍टाफ को मिली सबसे बड़ी बढ़ोतरी, प्रधान पुजारी की सैलरी भी बढ़ी

रामलला के प्रधान पुजारी के पारिश्रमिक में 1,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है, जबकि स्टाफ के शेष आठ सदस्यों को 500 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी मिली है...

<p>Ram Lala</p>- India TV Hindi Ram Lala

अयोध्या: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने राम की नगरी अयोध्या में राम लला के वेतन में बढ़ोतरी कर दी है। राम लला के अस्थायी मंदिर के पुजारियों के भत्ते में वृद्धि की गई है। इससे राम लला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंन्द्र दास ने खुशी जताई है। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि राम लला के अस्थायी मंदिर के पुजारियों के साथ ही अन्य कर्मचारियों की लम्बे समय से चली आ रही मांग सुन ली गई है।

उन्होंने कहा, "प्रधान पुजारी के पारिश्रमिक में 1,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है, जबकि स्टाफ के शेष आठ सदस्यों को 500 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी मिली है।" इस वृद्धि के साथ अब मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास को 13,000 रुपये प्रति महीने मिलेंगे। हाल ही में भत्ते में अपर्याप्त वार्षिक वृद्धि पर नाराजगी जताने के लिए सत्येंद्र दास ने अयोध्या के मंडलायुक्त से मुलाकात की थी।

प्रधान पुजारी दास ने कहा कि "पूजा की वस्तुओं पर खर्च करने और दैनिक खर्च उठाने के बाद भी हम इस छोटी-सी वृद्धि से खुश हैं। हमने इस वर्ष जुलाई में सरकार से इस बारे में निवेदन किया था। पांच दिन पहले ही सरकार की तरफ से वेतन वृद्धि की सूचना हमें मिली है। रामलला और मंदिर स्टाफ के खर्चे के लिए यह 1992 से अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है।"

सत्येन्द्र दास ने कहा, "अभी यह जो वृद्धि है वह आवश्यकता के अनुसार कम है। लेकिन पहले से अब ठीक रहेगा। कम से कम रामलला के नाम पर इतनी खुशी तो मिली है।" अयोध्या के मंडलायुक्त मनोज मिश्रा ने बताया कि अस्थायी मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को भत्तों में वृद्धि का आश्वासन देने के साथ इनकी मांगों पर मेरी सहमति है।

विवादित स्थल के रिसीवर व अयोध्या के मंडलायुक्त मनोज मिश्रा ने कहा, "मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रोजाना चढ़ने वाले प्रसाद के लिए वार्षिक भत्ते को उपयुक्त रूप से बढ़ाया जाएगा। अब मंदिर के अन्य व्यय के लिए निर्धारित राशि को 26200 रुपये से बढ़ाकर प्रतिमाह 30000 रुपये कर दिया गया है।"

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