1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, ले. गवर्नर मनोज सिन्हा पहले जत्थे को करेंगे रवाना

अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, ले. गवर्नर मनोज सिन्हा पहले जत्थे को करेंगे रवाना

अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्दालुओं का उत्साह देखते बन रहा है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले ही बड़ी तादाद में श्रद्धालु काउंटरों पर जमा होने लगे।

amarnath yatra- India TV Hindi
Image Source : PTI रजिस्ट्रेशन काउंटर पर उमड़ी भीड़

जम्मू: अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बुधवार को शुरू हो गया। हालांकि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने से एक दिन पहले ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु निर्धारित केंद्रों पर जमा होने लगे। वहीं ले. गवर्नर  मनोज सिन्हा 3 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे। 

57 दिनों तक चलेगी यात्रा

एक अधिकारी ने बताया कि 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिनों की यह यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवां-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग से होगी। अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 

बारिश से जम्मू का मौसम हुआ सुहाना

इस बीच रातभर हुई बारिश से जम्मू का मौसम सुहावना हो गया लेकिन इससे श्रद्धालुओं के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा। यात्रा के लिए पास प्राप्त करने के लिए वे तड़के से ही रजिस्ट्रेशन सेंटर्स के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। टोकन धारकों के लिए मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बुधवार सुबह शुरू हो गई, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों से जम्मू पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए लगातार दूसरे दिन भी टोकन वितरण जारी रहा। 

इन जगहों पर बनाए गए काउंटर

रजिस्ट्रेशन और टोकन वितरण के लिए तवी नदी के तट पर जम्मू कृत्रिम झील के पास गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर में काउंटर बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को बृहस्पतिवार तड़के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना किया जाएगा। श्रद्धालुओं में उत्तर प्रदेश निवासी संधू राम किशन भी शामिल थे, जिनका अनोखा पहनावा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। सिर और सीने पर रुद्राक्ष के साथ विभिन्न देशों के सिक्के लगाए हुए किशन ने कहा कि उनका यह पहनावा भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है। 

किशन ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "रुद्र के बिना कुछ नहीं होता।" श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने 14 वर्षों तक मौन व्रत रखा और वर्ष 2006 से वह इस गुफा के दर्शन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने रुद्राक्ष को आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत बताया और कहा कि वह इस उम्मीद के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आए हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। 

रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर 'हर-हर महादेव' का जयघोष

रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजते रहे जबकि श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पुणे से आए छह सदस्यीय परिवार के साथ यात्रा पर पहुंचीं अनुष्का ने कहा कि वह लंबे समय से इस यात्रा पर जाने की इच्छा रखती थीं। उन्हें इसके लिए अपने पिता से प्रेरणा मिली, जो पिछले 10 वर्षों से हर साल यह यात्रा कर रहे हैं। 

अनुष्का ने कहा, "मेरे पिता अगले वर्ष 70 वर्ष के हो जाएंगे और संभव है कि वह अधिक समय तक यह यात्रा जारी न रख सकें। उन्होंने हमें कभी अपने साथ आने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि उनका मानना था कि यह बहुत कठिन यात्रा है।" उन्होंने कहा, "लेकिन अब हम यहां हैं और हमने यह संकल्प लिया है कि हम सब मिलकर इस यात्रा को पूरा करेंगे।" राजस्थान से अपने माता-पिता के साथ यात्रा पर आई नीलू सांगानी ने कहा कि अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना का अवसर मिलना ही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है। 

ये भी पढ़ें
3 जुलाई से शुरू हो रही है अमरनाथ यात्रा, जानिए किसने किए थे बाबा बर्फानी की गुफा के पहले दर्शन
अमरनाथ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, 2 जुलाई से इन रास्तों पर शाम 5 बजे बाद प्रतिबंध