जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण बुधवार को स्थगित की गई अमरनाथ यात्रा गुरुवार को बालटाल मार्ग से फिर से शुरू हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हालांकि, पहलगाम मार्ग पर फिलहाल यात्रा निलंबित रहेगी, क्योंकि वहां तत्काल रखरखाव और मरम्मत का काम चल रहा है।
बारिश की वजह से रोकी गई थी यात्रा
कश्मीर में मूसलाधार बारिश के चलते सड़कों पर आवाजाही असुरक्षित हो गई थी, जिसके बाद बुधवार को बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर तीर्थयात्रा रोक दी गई थी। एक अधिकारी ने बताया, "गुरुवार सुबह बालटाल मार्ग से यात्रा फिर से शुरू हो गई।" उन्होंने आगे कहा, "हाल ही में हुई बारिश के बाद अमरनाथ यात्रा के पहलगाम मार्ग पर आवश्यक रखरखाव कार्यों के मद्देनजर यात्रा केवल बालटाल मार्ग से ही जारी रहेगी।"
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से बालटाल और नुनवान आधार शिविरों की ओर किसी भी तीर्थयात्री काफिले को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई वार्षिक अमरनाथ यात्रा में अब तक 3.3 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
अमरनाथ यात्रा का महत्व
अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थयात्राओं में से एक है, जो भगवान शिव को समर्पित है। अमरनाथ को 'तीर्थों का तीर्थ' कहा जाता है, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने इसी गुफा में देवी पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। माना जाता है कि बाबा अमरनाथ के हिम शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति को शिव का साक्षात आशीर्वाद प्राप्त होता है और यह काशी में दर्शन का दस गुना, प्रयाग से सौ गुना और नैमिषारण्य से हजार गुना अधिक पुण्य प्रदान करता है। (इनपुट- भाषा)
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