बडगाम: एसटीसी बीएसएफ कश्मीर में कांस्टेबल के 167 प्रशिक्षुओं ने आज अपनी ट्रेनिंग पूरी की। इस मौके पर उन्होंने भव्य परेड किया। इस पासिंग आउट परेड में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इन प्रशिक्षुओं ने अपना कठोर प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जो 25 नवंबर 2024 से शुरू हुआ और 11 अक्टूबर 2025 को पूरा हुआ।
बडगाम स्थित एसटीसी बीएसएफ मुख्यालय में हुआ परेड
सीमा सुरक्षा बल की यह पासिंग आउट परेड बडगाम स्थित एसटीसी बीएसएफ मुख्यालय में हुई। इस दौरान इन जवानों ने देश के लिए मर मिटने की शपथ ली। इन सभी जवानों को देश के अलग-अलग राज्यों में तैनात किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके इन जवानों में से ज़्यादातर भारत और पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर तैनात होना चाहते हैं ताकि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का हमेशा के लिए सफाया हो जाए। अपनी 44 हफ्ते की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये जवान बेहद उत्साहित और जोश से भरे नज़र आए कि वो बीएसएफ का हिस्सा बन गए हैं और उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिला है।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्टैंड बॉय पर थे जवान
बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के आईजी सोलोमन यश कुमार ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा 44 हफ्तों की एक विशेष ट्रेनिंग पाने वाले इन जवानों का मनोबल ऊंचा है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन जवानों को किसी भी स्थिति से लड़ने के लिए स्टैंड बाय पर रखा गया था और एक मॉड्यूल बनाकर 2 हफ्ते की एक विशेष ट्रेनिंग देकर इन्हें तैयार रखा गया था।
आईजी ने रंगरूटों को दी बधाई
आईजी ने इन सभी रंगरूटों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि जिस लगन और वफादारी के साथ इन्होंने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर देश के प्रति मर मिटने की शपथ ली है इसी वफादारी से यह देश की रक्षा में एक एहम योगदान पेश करेंगे।