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पहले आओ, पहले पाओ: अमरनाथ यात्रा के लिए आज से शुरू हुआ पंजीकरण, स्वास्थ्य से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश भी लागू

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है। इसको लेकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। श्रद्धालुओं को एक 'यात्रा परमिट' दिया जाएगा। इसमें यात्रा की तारीख और चुना हुआ मार्ग सबकुछ दर्ज होगा।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

3 जुलाई से शुरू होने वाली इस साल की पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए आज से पंजीकरण शुरू हो गया है। तीर्थयात्री श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से, या देशभर में 554 से अधिक निर्धारित बैंक शाखाओं में पंजीकरण करा सकते हैं। इन बैंकों में जम्मू-कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, Yes Bank और Axis Bank शामिल हैं।

तीर्थयात्रियों को दी गई खास सलाह

बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी, जिसमें हर रूट के लिए रोजाना का कोटा तय होगा। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दी रजिस्ट्रेशन करवा लें, क्योंकि किसी खास तारीख के लिए स्लॉट सात दिन पहले ही बंद हो जाएंगे।

दिया जाएगा यात्रा परमिट

पंजीकरण हो जाने के बाद, श्रद्धालुओं को सिस्टम द्वारा जारी एक 'यात्रा परमिट' मिलेगा, जिसमें यात्रा की तारीख, चुने गए मार्ग और प्रवेश द्वार के समय का उल्लेख होगा। सुरक्षा के एक नए उपाय के तहत, प्रत्येक तीर्थयात्री को यात्रा के दौरान 'रियल-टाइम ट्रैकिंग' के लिए एक RFID कार्ड भी जारी किया जाएगा।

13 से 70 साल के लोग हैं पात्र

ऊंचाई और मुश्किल इलाके को देखते हुए, स्वास्थ्य से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। केवल 13 से 70 साल की उम्र के लोग ही इसके लिए पात्र हैं। जिन महिलाओं की प्रेग्नेंसी 6 हफ्ते से ज्यादा है, वे यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाएंगी। 

जमा करना होगा CHC

सभी तीर्थयात्रियों को 8 अप्रैल, 2026 के बाद किसी अधिकृत डॉक्टर या मेडिकल संस्थान से जारी 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) जमा करना होगा। यात्रा का अंतिम परमिट जारी होने से पहले इस प्रमाण पत्र की जांच की जाएगी।

57 दिन तक चलेगी यात्रा

इस साल की यात्रा 57 दिनों तक चलेगी, जो इसे पिछले सालों की तुलना में काफी लंबी बनाती है। अमरनाथ गुफा की यह पवित्र यात्रा, जहां हर साल बर्फ का एक प्राकृतिक शिवलिंग बनता है। लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है, जो आस्था के प्रतीक के रूप में इस कठिन चढ़ाई को पूरा करते हैं।