श्रीनगर: श्रीनगर में पर्यटक स्थलों समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में बृहस्पतिवार को हिमपात की ताजा घटना दर्ज की गई, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस बारिश से घाटी में वर्षा की भारी कमी में कुछ सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के साथ-साथ बडगाम जिले के दूधपथरी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई।
यहां पर बारिश और बर्फबारी हुई
उन्होंने बताया कि शोपियां के हीरपोरा इलाके और बारामुला के उरी में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। कश्मीर में इस साल ज्यादातर शुष्क सर्दी की वजह से जनवरी व फरवरी के महीनों में लगभग 80 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई। स्थानीय निवासी मेहराज अहमद ने कहा, ‘‘हम बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे क्योंकि इस साल बारिश में कमी के कारण हम सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। हम भगवान के शुक्रगुजार हैं कि थोड़ा ही सही लेकिन ताजा बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई है।
25 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
अहमद ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और अधिक बारिश से लोगों को राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी का अनुमान लगाया है। इसने कहा कि 21-23 फरवरी तक बादल छाए रहने की संभावना है, 24-25 फरवरी को छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है और 26-28 फरवरी को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है।
कश्मीर घाटी में जारी है ठंड
बता दें कि कश्मीर घाटी में ठंड का कहर जारी है। जनवरी के महीने में कश्मीर में शीत लहर ने कहर बरपाया और कुछ इलाकों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। 21 दिसंबर से शुरू हुए 40 दिनों के 'चिल्लई-कलां' के दौरान घाटी में पारे में लगातार गिरावट देखी गई। 30 जनवरी को 'चिल्लई-कलां' खत्म हुआ और उसके बाद 20 दिनों का 'चिल्लई-खुर्द' (छोटी ठंड) शुरू हुआ। चिल्लई-कलां के दौरान डल झील समेत जलाशय जम गए थे।
इनपुट-भाषा