पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे कथित हनी ट्रैप और जासूसी नेटवर्क का एक नया मामला सामने आया है। डोडा जिले के एक युवक को सोशल मीडिया के जरिए फंसाने की कोशिश की गई, जहां एक महिला ने खुद को कश्मीरी बताकर उससे दोस्ती की और बाद में संवेदनशील सैन्य जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
लड़के ने अपलोड किया था सोशल मीडिया पर वीडियो
डोडा के रहने वाले एक नौजवान ने सोशल मीडिया पर बर्फ का एक वीडियो अपलोड किया था। वीडियो पर एक लड़की का कमेंट आया और फिर दोनों में दोस्ती हो गई। लड़की ने खुद को कश्मीर का रहने वाला बताया। 3 महीने तक दोनों के बीच चैटिंग चलती रही। फिर उसे पता चला कि वह पाकिस्तान की रहने वाली है।
मोबाइल फोन किया गया जब्त
यह ISI के 'हनी ट्रैप' की एक कोशिश थी। पाकिस्तानी साजिश का राज उसी पल खुल गया, जब लड़के के मोबाइल नंबर पर +92 कोड नजर आया। पुलिस ने लड़के के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान लड़के ने कथित तौर पर संवेदनशील जानकारी शेयर करने की बात कबूल कर ली है। एक मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है।
तस्वीरों के भेजने के झांसे में नहीं आया युवक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर का यह नौजवान 'सुरक्षा बलों की तैनाती की तस्वीरें भेजने' के बदले पैसे के ऑफर के झांसे में नहीं आया। इसके बाद ISI के एजेंट ने उसे जम्मू इलाके के पास मौजूद सेना के बंकरों, रक्षा ठिकानों और फ़्लाईओवरों की तस्वीरें और वीडियो भेजने के लिए उकसाया। तस्वीरों के पहले बैच के लिए, उसे कथित तौर पर अपने बैंक अकाउंट में 2,000 रुपये मिले। पुलिस की टीम इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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