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जमात-ए-इस्लामी से जुड़े 215 स्कूलों को अपने नियंत्रण में लेगी सरकार, आदेश जारी, सामने आई ये वजह

जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) और उससे संबद्ध फलाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) से संबंधित घाटी के 215 स्कूलों को अपने नियंत्रण में लेने का आदेश दिया है।

Jammu kashmir- India TV Hindi
Image Source : PTI जम्मू-कश्मीर: ले. गवर्नर मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) और उससे संबद्ध फलाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) से संबंधित घाटी के 215  स्कूलों को अपने नियंत्रण में लेने का आदेश दिया है। इन स्कूलों की मौजूदा प्रबंध समितियों की वैधता या तो समाप्त हो चुकी थी या उनके बारे में निगेटिव रिपोर्ट दी गई थी। यह आदेश उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा एफएटी द्वारा संचालित स्कूलों को सील करने के आदेश के तीन साल बाद आया है।

छात्रों का भविष्य न प्रभावित हो

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इन संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य किसी भी तरह से प्रभावित न हो। जिलाधिकारियों को स्कूल शिक्षा विभाग के परामर्श से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के मानदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय लागू करने को कहा गया है।

जिला मजिस्ट्रेट संभालेंगे प्रबंधन

सरकारी आदेश संख्या 578-जेके(शिक्षा) 2025 के अनुसार, यह निर्णय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों के बाद लिया गया है, जिनमें इन स्कूलों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा बताया गया था। आदेश में कहा गया है कि इन स्कूलों का प्रबंधन अब संबंधित जिला मजिस्ट्रेट/उपायुक्तों द्वारा संभाला जाएगा, जो उचित सत्यापन के बाद नई समितियों का प्रस्ताव देंगे। हालांकि जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने आरोप लगाया कि आदेश में “उनकी जानकारी के बिना” संशोधन किया गया है।

उत्तरी कश्मीर- कुल 96 स्कूल

  1. बारामूला -54
  2. कुपवाड़ा-36 
  3. बांदीपोरा-6

दक्षिण कश्मीर- कुल 89 स्कूल

  1. अनंतनाग-37
  2. पुलवामा- 21
  3. कुलगाम-16 
  4. शोपियां-15

मध्य कश्मीर-30 स्कूल

  1. बडगाम-20
  2. गंदेरबल-6
  3. श्रीनगर-4

आदेश में दावा किया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2019 में जमात को गैरकानूनी घोषित कर दिया था और इन स्कूलों की प्रबंध समितियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। खुफिया एजेंसियों द्वारा उनके बारे में प्रतिकूल रिपोर्ट दी गई है। आदेश में उपायुक्तों को इन स्कूलों का अधिग्रहण करने और उनके लिए नई समितियों का प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया गया है।

इसमें आगे कहा गया है कि ज़िला मजिस्ट्रेट या उपायुक्त, "इन स्कूलों को अपने अधीन लेने पर, स्कूल शिक्षा विभाग के परामर्श और समन्वय से उचित कदम उठाएँगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन स्कूलों में नामांकित छात्रों का शैक्षणिक जीवन किसी भी तरह से प्रभावित न हो"। इसमें कहा गया है, "वह (उपायुक्त) इन स्कूलों में एनईपी मानदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय भी करेंगे।" जिन स्कूलों के अधिग्रहण का आदेश दिया गया है, वे ज़्यादातर सामुदायिक स्तर पर संचालित हैं।