जम्मू और कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन्स यानी BOPEE ने एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए आतंकवाद के शिकार लोगों के जीवनसाथी और बच्चों के लिए सेंट्रल पूल से MBBS सीटों के आवंटन के लिए ऑफलाइन आवेदन मंगाए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार, चार सीटें तय की गई हैं: एक A.N. मगध मेडिकल कॉलेज, गया (बिहार) में, एक ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई (महाराष्ट्र) में और दो Pt. JNM मेडिकल कॉलेज, रायपुर (छत्तीसगढ़) में।
पीड़ित का जम्मू-कश्मीर का स्थायी निवासी होना जरूरी
शर्त है कि आवेदक, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के स्थायी निवासी होने चाहिए और आतंकवाद के शिकार मृतक या विकलांग नागरिक के जीवनसाथी या बच्चे होने चाहिए। उम्मीदवारों की उम्र एडमिशन के समय 17 साल पूरी होनी चाहिए या एडमिशन वाले साल में 31 दिसंबर तक 17 साल पूरी हो जानी चाहिए।
NEET UG 2026 में क्वालिफाइंग परसेंटाइल पाने की है शर्त
नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी और इंग्लिश में अलग-अलग पास होना चाहिए, PCB में मिलाकर अनरिजर्व्ड और रिजर्व्ड कैटेगरी के लिए जरूरी न्यूनतम अंक हासिल करने चाहिए। साथ ही, NEET UG 2026 में क्वालिफाइंग परसेंटाइल भी हासिल करना चाहिए।
NEET UG 2026 में मिली रैंक के आधार पर होगा एडमिशन
सिलेक्शन पूरी तरह से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से आयोजित NEET UG 2026 में मिली रैंक के आधार पर होगा। गृह मंत्रालय कोई अलग परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा है। बोर्ड ने साफ किया है कि सिर्फ आवेदन जमा करने से सिलेक्शन का कोई अधिकार नहीं मिलता। सिलेक्शन संबंधित मंत्रालय की तरफ से नियमों के अनुसार किया जाएगा। इन सेंट्रल पूल MBBS सीटों पर केंद्र शासित प्रदेश J&K की रिजर्वेशन पॉलिसी लागू होगी।
परिवार के सिर्फ 1 बच्चे को मिलेगा लाभ
इसमें प्राथमिकता सबसे पहले उन बच्चों को दी जाएगी जिनके माता-पिता दोनों आतंकवादियों ने मारे हैं। उसके बाद उन परिवारों के बच्चों को, जिनके परिवार में कमाने वाले एकमात्र सदस्य की आतंकवादियों ने हत्या कर दी, और फिर उन पीड़ितों के बच्चों को जो आतंकवादी गतिविधियों के कारण स्थायी रूप से विकलांग या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिकता I या II के तहत लाभ परिवार के केवल एक बच्चे को ही मिलेगा।
जरूरी दस्तावेज में क्या-क्या है शामिल?
जरूरी डॉक्यूमेंट्स में डोमिसाइल सर्टिफिकेट, NEET स्कोर कार्ड, 10+2 मार्क्स कार्ड, जन्म तिथि प्रमाण पत्र और कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) शामिल हैं। इसके अलावा, आवेदकों को FIR, डेथ सर्टिफिकेट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एक शपथ-पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह बताया गया हो कि परिवार के किसी अन्य सदस्य ने इस कैटेगरी के तहत लाभ नहीं लिया है।
प्रॉयरिटी II और प्रॉयरिटी III के बारे में भी जानिए
प्रॉयरिटी II के लिए, एक ऐसे सर्टिफिकेट की जरूरत है जो यह पुष्टि करे कि मृतक परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। यह सर्टिफिकेट SHO और संबंधित अस्पताल की तरफ से जारी किया जाना चाहिए, जिस पर SSP और तहसीलदार के काउंटर-साइन हों और जिसे होम डिपार्टमेंट के एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी ने प्रमाणित किया हो। प्रॉयरिटी III के लिए, चोट और विकलांगता की प्रकृति का विवरण देने वाले सर्टिफिकेट की जरूरत है, जिसकी पुष्टि स्टेट पुलिस या होम डिपार्टमेंट ने की हो।
आवेदन की आखिरी तारीख है 15 सितंबर
जान लें कि जम्मू या श्रीनगर में BOPEE ऑफिस में व्यक्तिगत रूप से दो प्रतियों में आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर को शाम 4 बजे तक है। इससे पहले, श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उससे MBBS कोर्स चलाने की अनुमति वापस ली गई थी।
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