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जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स को अब हर महीने 25 हजार रुपये मिलेगा स्टाइपेंड, इसी महीने से मिलेगा लाभ

जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न को मिलने वाली मासिक राशि में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब 25,000 रुपये का नया मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। सरकार ने संबंधित विभागों और संस्थानों को इस नई राशि के बारे में सूचित कर दिया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : ANI सांकेतिक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर सरकार ने मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। मेडिकल इंटर्न को अब हर महीने 25,000 रुपये मिलेंगे। इससे पहले 12,300 रुपये मिलते थे। यह बढ़ोतरी पूरे केंद्र शासित प्रदेश में MBBS और बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) इंटर्न पर लागू होगी, जिसमें विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (FMGs) भी शामिल हैं। यह फैसला मेडिकल इंटर्न्स के विरोध और आंदोलन के बाद लिया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि आखिरी बार जनवरी 2019 में गवर्नर रूल के दौरान मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड बढ़ाया गया था और तब से बढ़ोतरी की मांग के बावजूद उन्हें वही स्टाइपेंड मिल रहा है। हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के जारी एक ऑर्डर में, बदला हुआ स्टाइपेंड 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा। यह ऑर्डर फाइनेंस डिपार्टमेंट के 20 अक्टूबर, 2026 के कम्युनिकेशन के रेफरेंस के बाद डिपार्टमेंट ने जारी किया।

लंबे समय से मांग कर रहे थे मेडिकल छात्र

स्टाइपेंड का मुद्दा सरकार के सामने पेंडिंग था, जबकि इसमें काफी बढ़ोतरी की साफ सिफारिशें थीं। 2023 में एक कमेटी बनाई गई थी। इसने MBBS और BDS इंटर्न के लिए स्टाइपेंड 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति महीना करने की सिफारिश की थी। कमेटी ने पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े स्टाइपेंड से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया था।

अक्टूबर 2024 में इंटर्न श्रीनगर में मुख्यमंत्री से मिले थे, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया था कि जम्मू-कश्मीर के मेडिकल इंटर्न और देश भर के उनके साथियों के बीच कोई फर्क नहीं होगा। पिछले साल 15 जुलाई को, हेल्थ मिनिस्टर सकीना इटू ने कहा था कि MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में बहुत जल्द बढ़ोतरी होगी और फाइल प्रोसेस में है। सितंबर में उनके विरोध के बाद सरकार ने कहा था कि मामला एक महीने में फाइनल हो जाएगा। हालांकि, इंटर्न को यकीन नहीं था और उन्होंने 20 अक्टूबर को अपनी हड़ताल फिर से शुरू कर दी थ।

विधानसभा में भी उठा था मुद्दा

फरवरी 2026 में, यह मुद्दा J&K विधानसभा में भी उठाया गया था। सरकार ने माना था कि 2023 में बनी एक कमेटी ने बढ़ोतरी की सिफारिश की थी, जबकि प्रस्ताव अभी भी ज़रूरी फाइनेंशियल मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा था। जम्मू और कश्मीर इंटर्न्स के प्रतिनिधि और ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AMISA) के जॉइंट सेक्रेटरी ने बदलाव को मंज़ूरी देने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू को धन्यवाद दिया।

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