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कश्मीर मुठभेड़: शहीद कांस्टेबल का भाई बोला- 'मौका मिला तो 100 आतंकवादियों को मार डालेंगे'

मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए और पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े तीन आतंकवादी ढेर हो गए। शहीद पुलिसकर्मी के भाई ने कहा कि मौका मिला तो वह 100 आतंकियों को मार देंगे।

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Image Source : PTI सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना का जवान

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल तारिक अहमद के भाई ने कहा है कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह 100 आतंकवादियों को मारकर अपने भाई की मौत का बदला लेंगे। शोकाकुल परिवार के सदस्यों के अनुसार, अहमद ने वादा किया था कि वह उनके साथ ईद मनाएगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का भी आह्वान किया। 

गुरुवार तड़के शुरू हुई मुठभेड़ में अहमद समेत चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए और पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन से जुड़े तीन आतंकवादी ढेर हो गए। आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। 

उसने साथ ईद निभाने का वादा नहीं निभाया

शुक्रवार को रियासी जिले के चंबा स्थित अहमद के पैतृक गांव में उनके घर पर विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमि के सैकड़ों लोग शोक में परिवार का साथ देने के लिए एकत्र हुए। अहमद के चचेरे भाई नईम नाइज ने कहा, “हमें बहुत दुख है क्योंकि वह आज हमारे साथ नहीं है, लेकिन हमें गर्व है कि उसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उसने हमारे साथ ईद मनाने का वादा नहीं निभाया। वह रमजान के पवित्र महीने के दौरान जन्नत चला गया।” देश में 31 मार्च या 1 अप्रैल को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। 

मौका मिला तो 100 आतंकी मारेंगे

सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे नाइज ने जम्मू-कश्मीर में बार-बार हो रहे पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी हमलों पर गुस्सा जताते हुए कहा, “उन्होंने (आतंकवादियों ने) हमारे भाई को मार डाला। बदले में, अगर हमें मौका मिला तो हम 100 आतंकवादियों को मार डालेंगे।” 

डीजीपी का बयान

डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा, "23 मार्च की शाम को सान्याल में पाकिस्तानियों के देखे जाने की सूचना एक दंपति ने दी और तुरंत ही अधिकारियों का एक दल मौके पर पहुंच गया। पाकिस्तानियों से मुठभेड़ हुई और वे 4 मैगजीन, 3 आईईडी, 2 ग्रेनेड छोड़कर भाग निकले। यह ऑपरेशन 4 दिनों तक चला। हमें उनके ठिकाने के बारे में जानकारी मिली और कल सुबह हमारे सुरक्षा बलों की पाकिस्तानियों से मुठभेड़ हुई और उनमें से 2 मौके पर ही मारे गए। हमारे 4 बहादुर अधिकारी शहीद हुए। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हमारा न इरादा कमजोर हुआ है न हमारा मकसद हमसे कहीं दूर है। हमारा मकसद साफ और मजबूत है। हम तब तक नहीं सोएंगे जब तक हम अपने पड़ोसी की ऐसी हरकतों को रोक नहीं देते। ऑपरेशन अभी भी जारी है।" (इनपुट- पीटीआई/एएनआई)