उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा मारे गए कश्मीरी नागरिकों के 158 पीड़ित परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान LG ने कहा, "दशकों से जो जख्म थे, वे अब भर रहे हैं। आज के इस ऐतिहासिक आयोजन ने उन परिवारों को एक राहत का एहसास दिलाया है जो वर्षों से चुपचाप आघात सह रहे थे। तीन दशकों से भी ज्यादा समय से आतंकी देश पाकिस्तान अपने छद्म आतंकी संगठनों के जरिए बेगुनाहों का खून बहा रहा है। समय ने इस नुकसान का दर्द नहीं मिटाया। उनकी आत्मा पर अदृश्य जख्म महसूस किए जा सकते हैं और उनकी खामोश आंखें कई अधूरे सपनों की गवाह हैं।"
'आतंकवाद समर्थकों के लिए भी कड़ी से कड़ी सज़ा सुनिश्चित करेंगे'
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा," आतंकवाद पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और राहत की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हुई। हम आतंकवाद पीड़ितों के पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। आतंकवाद पीड़ित परिवारों के रिश्तेदारों से मेरा वादा है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। हम आतंकवाद समर्थकों की भी कड़ी से कड़ी सज़ा सुनिश्चित करेंगे।"
'हमें आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठानी होगी'
उपराज्यपाल ने कहा, "मैं शहीद हुए नागरिकों के परिजनों को आश्वस्त करता हूं कि जब तक आतंकवादियों के अत्याचारों का शिकार हुए हर परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, मैं चैन से नहीं बैठूंगा।" उन्होंने आगे कहा कि सभ्य समाज में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर की कई पीढ़ियां पड़ोसी देश द्वारा किए गए आतंकवाद का दंश झेल चुकी हैं, हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना होगा कि वे ऐसा दोबारा नहीं होने देंगे। हमें आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठानी होगी।"
'लोग मुझसे पूछते हैं कि नया जम्मू-कश्मीर क्या है'
उपराज्यपाल ने कहा, "5 अगस्त 2019 को एक नए जम्मू कश्मीर का जन्म हुआ। एक ऐसा नया जम्मू कश्मीर जिसकी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने थे। एक ऐसा नया जम्मू कश्मीर जिसने अपने सभी नागरिकों को समान माना और सात दशकों से चले आ रहे भेदभाव को मिटाया।" एलजी ने कहा, "लोग मुझसे पूछते हैं कि नया जम्मू-कश्मीर क्या है? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नया जम्मू-कश्मीर वो है जहां नौकरियां आतंकवादियों को नहीं, बल्कि इस केंद्र शासित प्रदेश के असली शहीदों को दी जाती हैं। नया जम्मू-कश्मीर वो है जहां आतंकवादियों की मौत पर आंसू नहीं बहाए जाते, बल्कि आम कश्मीरियों के आंसू पोंछे जाते हैं।"