पहलगाम: पहलगाम में आतंकी हमले के बाद अब जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। करीब 10 दिन पहले हुए आतंकी हमलों के चलते पहलगाम की फिजां पर दुख-दर्द और खामोशी की चादर पसरी हुई थी। लेकिन अब धीरे-धीरे यहां लोगों की हलचल बढ़ने लगी है।
घंटियों की गूंज सुनाई पड़ने लगी
पहलगाम के प्राचीन गौरी शंकर मंदिर में सुबह-शाम बजने वाली घंटियां हमले के बाद खामोश हो गई थीं। घंटियों की खामोशी उस दर्दनाक मंजर को बयान करने के लिए काफी थी जिसे 22 अप्रैल को बैसरन घाटी ने देखा। घटना के करीब 10 दिन बाद अब एक बार फिर पहलगाम की वादियों में इन घंटियों की गूंज सुनाई पड़ने लगी है।
पहलगाम की सड़कों पर पर्यटक भी नजर आने लगे हैं। प्राचीन गुड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है। धीरे-धीरे अब जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। यहां पहुंच रहे पर्यटक पहलगाम की खूबसूरती को देखकर बेहद खुश हैं।
Image Source : INDIA TVपहलगाम का प्राचीन गौरी शंकर मंदिर
आतंकी हमलों से डरने वाले नहीं
पहलगाम पहुंचे पर्यटकों ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि यहां डरने की कोई बात नहीं है। हमने इस प्राचीन मंदिर के बारे में सुना था, यहां अमरनाथ जाने वाली छड़ी की पूजा होती है। हमने यहां मारे गए सभी लोगों के लिए प्रार्थना की। हम सभी लोगों से कहना चाहते हैं कि वे कश्मीर आएं। हम ऐसे आतंकी हमलों से डरने वाले नहीं हैं, हम डरे गए नहीं ये कश्मीर हमारा है, हम यहां आना नहीं छोड़ेंगे।
22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुआ था हमला
बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी। आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर उनकी हत्या कर दी थी। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी जबकि 17 घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंध काफी खराब हो चुके हैं। दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं।