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श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में शब-ए-बरात पर नहीं पढ़ी गई नमाज, भड़के सीएम उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस्लामी कैलेंडर की सबसे पवित्र रातों में से एक शब-ए-बरात पर श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में सामूहिक नमाज़ पढ़ने की अनुमति नहीं दी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - India TV Hindi
Image Source : FILE-PTI मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में शब-ए-बरात मनाई गई। इस अवसर पर कई मस्जिदों में नमाज पढ़ा गया। जानकारी के अनुसार, शब-ए-बरात पर ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में ताला लगा रहा और यहां पर किसी को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी गई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुरक्षा एजेंसियों ने शब-ए-बरात पर श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को सील करने का फैसला लिया है। सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि यह निर्णय लोगों में विश्वास की कमी और कानून और व्यवस्था तंत्र में विश्वास की कमी को दर्शाता है। श्रीनगर के लोग इससे बेहतर के हकदार थे।

 जामिया मस्जिद के अंजुमन औकाफ ने दी ये जानकारी

जामिया मस्जिद के अंजुमन औकाफ (प्रबंधन) ने कहा कि गुरुवार दोपहर को पुलिस ने नमाजियों से परिसर खाली करने को कहा और गेट बंद कर दिए। प्रबंधन ने कहा कि पुलिस ने उन्हें सूचित किया था कि शब-ए-बारात के लिए रात की नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने गुरुवार को सुबह-सुबह मस्जिद में पारंपरिक रूप से रात की नमाज का नेतृत्व करने वाले मीरवाइज उमर फारूक को भी नजरबंद कर दिया। यह लगातार छठा साल है जब पुलिस ने जामिया मस्जिद में शब-ए-बारात की नमाज की अनुमति नहीं दी है। 

अंजुमन औकाफ ने लगाया गंभीर आरोप

अंजुमन औकाफ ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हर बार जब कोई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर आता है तो मस्जिद को बंद कर दिया जाता है।  मीरवाइज उमर फारूक को उनकी धार्मिक जिम्मेदारियों को पूरा करने से रोक दिया जाता है। इस तरह के बार-बार प्रतिबंध न केवल लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि उनके मौलिक धार्मिक अधिकारों का भी उल्लंघन करते हैं। हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन एक्स पर एक पोस्ट में कश्मीर जोन पुलिस ने लिखा, "आईजीपी कश्मीर ने लोगों को शब-ए-बारात की शुभकामनाएं दीं। यह मुबारक रात सभी के लिए सद्भाव, खुशी और समृद्धि लाए।