नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर से आज एक अहम आदेश जारी किया गया। इस आदेश के मुताबिक सूबे के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के छुट्टी पर रहने के दौरान लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
मनोज सिन्हा के छुट्टी पर रहने पर वीके सक्सेना संभालेंगे कमान
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था मनोज सिन्हा के छुट्टी पर रहने की अवधि के दौरान लागू रहेगी। इस दौरान विनय कुमार सक्सेना जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर दफ्तर की अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालेंगे। सक्सेना जम्मू-कश्मीर के एडिशनल चार्ज के साथ-साथ लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर के तौर पर अपनी मौजूदा ज़िम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।
13 मार्च 2026 को लद्दाख के एलजी बने वीके सक्सेना
बता दें कि विनय कुमार सक्सेना 13 मार्च 2026 को लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर बने थे। वे लद्दाख के चौथे LG हैं और कविंदर गुप्ता के उत्तराधिकारी हैं। वे इससे पहले दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे। उन्होंने 26 मई 2022 को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर का पद संभाला था।
7 अगस्त 2020 से जम्मू-कश्मीर के एलजी हैं मनोज सिन्हा
वहीं मनोज सिन्हा 7 अगस्त 2020 से जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं। जी.सी. मुर्मू के इस्तीफे के बाद उन्होंने यह पद संभाला था। उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर में काफी बदलाव देखा जा रहा है।
शिकागो के दौरे पर हैं मनोज सिन्हा
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा इन दिनों शिकागो गए हुए हैं जहां वे आईआईटी-बीएचयू के ग्लोबल एलुमनी मीट में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सिर्फ तकनीक को अपनाकर दुनिया को प्रभावित नहीं किया है, बल्कि एक देश के रूप में हम नए मानक स्थापित कर रहे हैं, रास्ता दिखा रहे हैं और अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। एक राष्ट्र के तौर पर हमारी मान्यता है कि ज्ञान का इस्तेमाल समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए। भारत को दुनिया के अन्य देशों में विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्पादों का सिर्फ एक बड़ा बाजार बनकर नहीं रहना चाहिए। भारत को दुनिया के लिए विश्वसनीय, किफायती और समावेशी एआई समाधानों का अग्रणी निर्माता और विकासकर्ता बनना होगा।
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