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शाजापुर के कालापीपल में 97 कृष्णमृग किए गए रेस्क्यू, 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, कुनो अभयारण भेजने की तैयारी

शाजापुर जिले के कालापीपल के हन्नुखेड़ी गांव में चल रहे रेस्क्यू अभियान के तहत पहले दिन 97 कृष्ण मृगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों की देखरेख में हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक की मदद से कृष्णमृगों को सुरक्षित स्थान पर पहुचाया जा रहा है।

mp news- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV शाजापुर में चल रहा है कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान।

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कालापीपल विधानसभा में इन दिनों वन्यजीव संरक्षण का एक अनोखा अभियान चल रहा है। आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर के जरिए कृष्णमृगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। कालापीपल के सीमावर्ती क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हिरणों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा रहा है और इसके लिए दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम भी पहुंची है। हन्नुखेड़ी गांव में चल रहे इस अभियान के पहले ही दिन करीब 97 कृष्ण मृगों का रेस्क्यू किया गया। वहीं, रविवार सुबह होते ही टीम एक बार फिर सक्रिय हो गई और हन्नुखेड़ी के आसपास के क्षेत्रों में कृष्ण मृगों को हांकने का काम शुरू कर दिया। अब रेस्क्यू किए गए कृष्ण मृगों को कुनो अभयारण्य केंद्र में स्थानांतरित करने की तैयारी है।

हेलीकॉप्टर की गूंज से ग्रामीणों में कौतूहल

कालापीपल विधानसभा का हन्नुखेड़ी गांव शनिवार को वन्यजीव संरक्षण के एक विशेष अभियान का केंद्र बन गया। आसमान में हेलीकॉप्टर की गूंज सुनाई दी तो ग्रामीणों की नजरें ऊपर उठ गईं। खेतों में दौड़ते कृष्ण मृग और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू करने में जुटी विशेषज्ञ टीम का नजारा ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। इस अभियान में कृष्ण मृगों को एक निर्धारित क्षेत्र की ओर ले जाने के लिए बोमा पद्धति और हेलीकॉप्टर के जरिए हांका लगाने की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम की निगरानी में पूरी कार्रवाई की जा रही है, ताकि कृष्ण मृगों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके।

अभियान के पहले दिन रेस्क्यू किए गए 97 कृष्णमृग

अभियान के पहले ही दिन करीब 97 कृष्णमृगों का रेस्क्यू किया गया, जिसने अभियान की शुरुआत को महत्वपूर्ण बना दिया। वहीं, रविवार को भी सुबह से दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम ने हन्नुखेड़ी गांव के आसपास के क्षेत्र में एक बार फिर कृष्ण मृगों को हांकने का काम शुरू कर दिया। हेलीकॉप्टर की मदद से क्षेत्र में हांका लगाया जा रहा है, जबकि जमीन पर विशेषज्ञ टीम कृष्ण मृगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने में जुटी हुई है। लगातार दूसरे दिन जारी इस कार्रवाई के तहत आगे भी रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू किए गए कृष्ण मृगों को निर्धारित स्थान पर सुरक्षित पहुंचाने और आगे कुनो अभयारण्य केंद्र में स्थानांतरित करने की तैयारी है।

विधायक घनश्याम चंद्रवंशी की पहल से जुड़ा है रेस्क्यू अभियान

कृष्णमृगों के रेस्क्यू का यह अभियान कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी की पहल से भी जुड़ा है। विधायक ने इस मुद्दे को मध्य प्रदेश विधानसभा में उठाया था और अभियान शुरू करने की बात कही थी। इसके बाद 10 अक्टूबर से हन्नुखेड़ी गांव में रेस्क्यू अभियान की शुरुआत हुई। शनिवार को विधायक घनश्याम चंद्रवंशी भी अभियान स्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने पूरे अभियान की जानकारी ली और पहले दिन करीब 97 कृष्ण मृगों का रेस्क्यू होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम से मुलाकात की। विधायक ने अभियान की प्रगति और आगे की कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम पहल

हन्नुखेड़ी गांव में चल रहा यह अभियान केवल रेस्क्यू की कार्रवाई नहीं, बल्कि वन्यजीवों के सुरक्षित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बोमा पद्धति, हेलीकॉप्टर और विशेषज्ञों की मदद से कृष्ण मृगों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भारत में इस तरह का अभियान दूसरी बार कालापीपल विधानसभा क्षेत्र से शुरू किया जा रहा है। अभियान के पहले दिन मिली सफलता के बाद रविवार को भी टीम ने आसपास के क्षेत्रों में कार्रवाई जारी रखी। अब आगामी दिनों में होने वाले रेस्क्यू और कृष्ण मृगों को निर्धारित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

(शाजापुर से विनोद जोशी की रिपोर्ट)

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