मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में एक किसान के बाड़े में करोड़ों रुपये की कीमत वाला दोमुंहा सांप मिला है। इस दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में होती है। बांसखेड़ी गांव में शुक्रवार शाम एक किसान के बाड़े में दोमुंहा सांप दिखाई दिया। किसान ने बिना घबराए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकीदार भेरूसिंह मौके पर पहुंचे और टीम के साथ मिलकर सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद सांप को वन विभाग कार्यालय लाया गया, जहां पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद महाजन ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। सांप पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद टीम ने उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
जहरीला नहीं होता दोमुहां सांप
बताया जा रहा है कि रेड सैंड बोआ जहरीला नहीं होता, लेकिन इसकी दुर्लभता और खास बनावट के कारण इसकी अवैध कीमत करोड़ों में बताई जाती है। यह सांप आमतौर पर इंसानों को नुकसान भी नहीं पहुंचाता है। यह सिर्फ चूहों और अन्य जीवों का शिकार करता है। दोमुहां सांप उन्हें सीधे लीलने की बजाय कुंडली में लपेटकर मारता है। इसके बाद उन्हें खाता है। वन विभाग ने अपील की है कि ऐसे जीव दिखने पर लोग खुद जोखिम न लें, बल्कि तुरंत विभाग को सूचना दें।
क्या है दोमुहें सांप की खासियत?
दोमुहां सांप की पूंछ मुंह के समान दिखती है। इस वजह से इसे दोमुहां कहा जाता है। असल में इसके दो मुंह नहीं होते हैं। अन्य सांपों की तरह अंडे देने की बजाय यह सांप बच्चों को जन्म देता है। एक बार में मादा सांप 6-14 बच्चों को जन्म दे सकती है। इसमें जहर नहीं होता, लेकिन माना जाता है कि इसे पालने से धन-समृद्धि आती है। इसी वजह से इसकी तस्करी होती है। हालांकि, इस, बात में कोई सच्चाई नहीं है। इससे कई दवाइयां भी बनती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्कर इसे करोड़ों में बेचते हैं।
(आगर मालवा से राम यादव की रिपोर्ट)
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