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IIT इंदौर ने डेवलप की गजब की तकनीक, जानिए स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से कैसे रुकेंगे हादसे?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित इस तकनीक के लागू होने से सड़क सुरक्षा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वाहन चालकों को वक्त रहते जरूरी संदेश भेजकर संभावित सड़क हादसे रोके जा सकेंगे ।

Traffic- India TV Hindi
Image Source : PTI ट्रैफिक

इंदौर: देश में सड़क हादसों में हर साल हजारों लोगों की मौत हो जाती है। इन पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों से अभी तक कोई आशातीत सफलता नहीं मिल पाई है। इस बीच आईआईटी इंदौर ने गजब की तकनीक विकसित की है। देश के यातायात प्रबंधन तंत्र को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ‘स्मार्ट’ और सुरक्षित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से यह तकनीक विकसित की गई है। 

संभावित सड़क हादसों पर लगेगी रोक

इस तकनीक के जरिये वाहन चालकों को वक्त रहते जरूरी संदेश भेजकर संभावित सड़क हादसे रोके जा सकेंगे और गाड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सकेगा। आईआईटी-इंदौर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रभात कुमार उपाध्याय ने ताया, ‘‘ऐसे वक्त जब दुनिया बिना ड्राइवर वाली कारों की ओर बढ़ रही है, देश के यातायात तंत्र को ‘स्मार्ट’ और सुरक्षित बनाया जाना वक्त की मांग है। इसके लिए हमने AI और कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी की मदद से अगली पीढ़ी के ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए नई तकनीक विकसित की है।’’ 

सी-वी2एक्स के नाम से विकसित टेक्नोलॉजी

उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक को ‘सेलुलर व्हीकल-टू-एवरीथिंग (सी-वी2एक्स)’ नाम दिया गया है। उपाध्याय ने बताया कि इस तकनीक के जरिये चलती गाड़ियों द्वारा दूसरी गाड़ियों को भी आसानी से संदेश भेजे जा सकते हैं जिससे संभावित सड़क हादसों और ट्रैफिक जाम को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मान लीजिए कि आप कार चला रहे हैं, तो यह तकनीक खराब सड़क, रास्ते पर आगे हुई दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम के बारे में आपकी कार को तुरंत मैसेज भेज देगी ताकि आप वक्त रहते सचेत हो जाएं। ये संदेश 4जी एलटीई और 5जी जैसे उच्च गति वाले वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल करके भेजे जाएंगे।’’ 

सुरक्षित सड़कों और स्मार्ट शहरों की दिशा में बड़ा कदम 

उपाध्याय ने बताया कि तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए रिसर्चर्स ने ‘इंटेलिजेंट रिसोर्स एलोकेशन एल्गोरिदम’ विकसित किए हैं जो वास्तविक समय में ट्रैफिक की स्थिति, नेटवर्क लोड और सिग्नल की गुणवत्ता के आधार पर खुद को ढाल लेते हैं ताकि जरूरी संदेश तुरंत भेजे जा सकें। आईआईटी-इंदौर के डायरेक्टर प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, “सड़क सुरक्षा और टिकाऊ गतिशीलता हमारे समय की सबसे जरूरी चुनौतियों में शामिल हैं। सी-वी2एक्स तकनीक को लेकर किया गया अनुसंधान सुरक्षित सड़कों और स्मार्ट शहरों की दिशा में एक बड़ा कदम है।’’ 

उन्होंने कहा कि आईआईटी-इंदौर का यह रिसर्च दर्शाता है कि सड़क पर लोगों की जान बचाने और यातायात के दबाव को कम करने के साथ ही भविष्य की गतिशीलता को लेकर भारत की तैयारी मजबूत करने के लिए कम्यूनिकेशन की अत्याधुनिक तकनीक किस तरह प्रभावी समाधान मुहैया कर सकती है।