1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. वांग यी के दौरे के बाद आया ओवैसी का बयान, मोदी सरकार से पूछे ये सवाल

वांग यी के दौरे के बाद आया ओवैसी का बयान, मोदी सरकार से पूछे ये सवाल

एआईएमआईएम प्रमुख असदु्द्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार के कुछ सवाल पूछे हैं। दरअसल ओवैसी ने चीन को लेकर मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

Asaduddin Owaisi raised questions on Modi government policy regarding China said this- India TV Hindi
Image Source : PTI वांग यी के दौरे के बाद आया ओवैसी का बयान

चीन के विदेश मंत्री वांग यी की दो दिवसीय भारत यात्रा को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बृहस्पतिवार को सवाल उठाया कि क्या भारत-चीन सीमा पर स्थिति 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों से पहले वाली ‘यथास्थिति’ पर लौट आई है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की चीन नीति ‘ढुलमुल’ रही है, जिससे भारत कमजोर हुआ है और 11 साल बाद खराब स्थिति में आ गया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में दावा किया, “क्या सीमा पर स्थिति अप्रैल 2020 वाली यथास्थिति पर लौट आई है? अगर नहीं, तो चीन के साथ इतनी गहरी दोस्ती का ऐलान करते हुए हम अब इसे कैसे हासिल करेंगे?” 

ओवैसी ने पूछा सवाल

ओवैसी ने पूछा कि चीन, भारत के साथ जलविद्युत बांधों को पानी देने वाली नदियों से वास्तविक समय के आंकड़े साझा करने पर सहमत क्यों नहीं हुआ और मानवीय आधार पर जानकारी केवल आपात स्थितियों तक ही सीमित क्यों है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या चीन ने पाकिस्तान को सैन्य सहायता देने से परहेज करने का वादा किया है, जैसा कि हालिया झड़पों के दौरान आरोप लगाया गया था। ओवैसी ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने बीजिंग पर इस बात के लिए जोर नहीं दिया कि अगर वह (चीन) पाकिस्तान के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाता रहा तो दोनों देश दोस्त नहीं रह सकते। 

ओवैसी बोले- जवाब न होना उनकी विफलताओं के दर्शाता है

एआईएमआईएम अध्यक्ष ने इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि चीन भारत को डीएपी उर्वरक, दुर्लभ मिट्टी और बोरिंग मशीनों की आपूर्ति के लिए आधिकारिक तौर पर सहमत क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने पूछा कि क्या चीन ने भारी व्यापार घाटे को कम करने के लिए अपनी ओर से कदम उठाने का वादा किया है? ओवैसी ने पूछा, “या फिर हम द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ावा देंगे जिससे व्यापार घाटा और बढ़ेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को भूभाग से लेकर व्यापार तक कई क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ा है। ओवैसी ने दावा किया कि सरकार के पास जवाब न होना उसकी विफलताओं को दर्शाता है। 

(इनपुट-भाषा)