1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. 'आत्म मंथन का समय', दतिया उपचुनाव में BJP की करारी हार, अब अपने भी उठा रहे सवाल

'आत्म मंथन का समय', दतिया उपचुनाव में BJP की करारी हार, अब अपने भी उठा रहे सवाल

दतिया उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद पार्टी में ही सवाल उठ रहे हैं। हार की समीक्षा के लिए समीक्षा बैठक की गई।

दतिया उपचुनाव रिजल्ट- India TV Hindi
दतिया उपचुनाव रिजल्ट

भोपाल: दतिया उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार के बाद अपने ही उठा रहे है सवाल, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा...आत्ममंथन का समय। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू ,पूर्व मंत्री राहुल सिंह की पत्नी उमिता सिंह ने भी लिखा...जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी बोलने लगे हमारी पहुंच ऊपर तक है तब तब परिणाम विपरीत ही आएंगे। सबसे बड़ी बात ये रही कि आज हार के लिए समीक्षा बैठक की गई जिसमें नरोत्तम मिश्रा नहीं पहुंचे थे।

हार की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी
आज दतिया उपचुनाव हार की समीक्षा बैठक हुई जिसमें दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा की गई और इसके लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। ये बैठक CM हाउस में हो रही थी ।बैठक में शामिल तमाम नेताओं ने चुप्पी साधे रखी।प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे एवं वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा और अंबाराम कराड़ा को सदस्य बनाया गया है। यह समिति चुनाव से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर चुनाव परिणाम के कारणों का  विश्लेषण करेगी। समिति अपने निष्कर्षों सहित प्रतिवेदन प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को प्रस्तुत करेगी।

अखिलेश यादव ने कसा तंज
उपचुनाव नतीजों पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास बाकी कुछ बचा ही नहीं है। भाजपा को 12 साल का यह रिटर्न गिफ्ट मिला है। भाजपा अगर कुन्दरकी की तरह चुनाव लड़ती या बंगाल की तरह चुनाव लड़ती और फोर्स लगा देती तो भाजपा की हार नहीं होती। वो पुलिस प्रशासन को लगाए बिना, बेईमानी किए बिना और EVM में घोटाला किए बिना देखना चाहते थे कि कितनी नाराजगी है। ये हार नहीं है। उन्होंने अपना तय किया है कि बिना बेईमानी के जनता कितना वोट देगी..."

दतिया में भाजपा की हार

साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में दतिया सीट से राजेंद्र भारती ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। लेकिन कुछ पुराने मामले में सजा होने के बाद उनकी विधायकी रद्द कर दी गई थी। इसी वजह से इस सीट पर उपचुनाव हुए और एक बार फिर से इस सीट से कांग्रेस ने जीत हासिल की और भाजपा को करारी हार मिली।

ये भी पढ़ें:
दतिया उपचुनाव में सांसद चंद्रशेखर की पार्टी का कमाल, उम्मीदवार दामोदर यादव मंडल को मिले अच्छे-खासे वोट