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भाजपा में जाने की अटकलों पर लगा विराम, कमलनाथ बोले- ऐसा होगा तो सबसे पहले आप को बताऊंगा

कमलनाथ भाजपा में शामिल होंगे या नहीं, इसका जवाब अब खुद कमलनाथ ने दे दिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर इस तरह की कोई बात होगी तो सबसे पहले इसकी जानकारी मैं खुद मीडिया को दूंगा।

congress leader kamalnath not joining bjp said  If this happens I will tell you first- India TV Hindi
Image Source : PTI भाजपा में शामिल नहीं होंगे कमलनाथ

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जाने की अटकलों के बीच शनिवार को कहा कि अगर ऐसी कोई बात होगी तो वह मीडिया को जानकारी देंगे। वह आज दोपहर में दिल्ली पहुंचे। कमलनाथ पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के दौरे पर थे, जहां से वह नौ बार सांसद रहे हैं। उनके पुत्र नकुल नाथ वर्ष 2019 के चुनाव में इस सीट से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। दिल्ली पहुंचने के बाद कमलनाथ ने भाजपा में शामिल होने की संभावना से जुड़े सवालों पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘आप लोग बहुत उत्साहित हो रहे हैं। यह मैं नहीं कह रहा हूं, आप लोग कह रहे हैं। अगर ऐसी कोई बात होगी तो सबसे पहले आप लोगों को जानकारी दूंगा।’’ 

क्या बोले कमलनाथ

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उत्साहित नहीं हूं, ना इस तरफ, ना उस तरफ। अगर ऐसी कोई बात होगी तो सबसे पहले आप लोगों को खबर करूंगा।’’ कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जबलपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने कल रात साढ़े 10 बजे कमलनाथ से बात की, वह छिंदवाड़ा में हैं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘एक व्यक्ति जिसने अपनी राजनीतिक यात्रा कांग्रेस से शुरू की और जब इंदिरा गांधी को जनता पार्टी द्वारा जेल भेजा गया तो वह नेहरू-गांधी परिवार के साथ खड़ था, क्या आपको लगता है कि ऐसा व्यक्ति कभी कांग्रेस और गांधी परिवार को छोड़ेगा?’’ 

क्या कांग्रेस से नाराज हैं कमलनाथ

ऐसा कहा जाता है कि कमलनाथ राज्यसभा सीट नहीं मिलने से नाराज हैं और पिछले साल के आखिर में पार्टी के विधानसभा चुनाव हारने के बाद से राहुल गांधी भी उनके विरोध में हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कमलनाथ को पार्टी की मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया गया था और उनके स्थान पर जीतू पटवारी को जिम्मेदारी सौंप गई थी। मध्य प्रदेश में भाजपा ने 230 सदस्यीय सदन में 163 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी और कांग्रेस को सिर्फ 66 सीट से संतोष करना पड़ा। 

(इनपुट-भाषा)