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रद्द हुआ मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन, BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित, कांग्रेस को बड़ा झटका

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। उनके नामांकन पर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी। मीनाक्षी पर अपना क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने का आरोप लगा था। उनका नामांकन रद्द होने की दशा में अब बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।

Meenakshi Natarajan- India TV Hindi
Image Source : MP CONGRESS/FB राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन

भोपाल: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की इकलौती उम्मीद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक बड़े कानूनी विवाद में फंसने के बाद रद्द हो गया है। रिपोर्ट्स के मुातबिक, नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी। प्राप्त अदालती दस्तावेजों ने इस पूरे घटनाक्रम की जो टाइमलाइन उजागर की है, उसने कांग्रेस खेमे में भूकंप ला दिया है, और नटराजन का नामांकन रद्द होना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने की वजह से BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान सामने आया

सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस प्रत्याशी ने जानबूझकर आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाई। ये आपराधिक प्रकरण छिपाने का पाप है। शपथपत्र में लिखकर देना था। कांग्रेस के लोगों ने षड़यंत्रपूर्वक जानकारी छुपाई। निर्वाचन अधिकारी को भ्रम में रखा गया। कांग्रेस को अब आत्ममंथन करना चाहिए। प्रत्याशी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण हैं तो बताना चाहिए। कांग्रेस को हार का भी डर था, इसलिए जहाज से विधायकों को ले जाया गया। लोकसभा में भी प्रत्याशी ने मैदान छोड़ा था। स्क्रूटनी में सब साफ हो गया। हमने लोकतंत्र के तरीके से अपनी बात रखी। कांग्रेस गलत रास्ते जा रही, उसकी कीमत चुकाना पड़ी है।"

मोहन सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने क्या कहा?

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, "कांग्रेस ने फॉर्म रिजेक्ट करवाकर की फेस सेविंग। चुनाव होता तो भी मीनाक्षी नटराजन बुरी तरह हारती। भाजपा तीसरी सीट भी जीतने वाली थी। कांग्रेस के नेताओं ने खुलेआम ये बात कही थी कि टिकट बहुत गलत दिया गया है। अलग-अलग गुट मीनाक्षी नटराजन का विरोध कर रहे थे। कांग्रेस को मालूम था कि मीनाक्षी नटराजन बुरी तरह हारने वाली हैं। कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे इसलिए जानबूझकर ये फॉर्म रिजेक्ट करवाया गया। कांग्रेस ने ऐसा 'फेस सेविंग' के लिए किया।"

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का भी सामने आया बयान

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंडिया टीवी से बातचीत में माना कि डमी कैंडिडेट ना खड़ा करना सीनियर नेताओं और लीगल अधिकारियों का निर्णय है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा

निर्वाचन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और वह सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चुनाव आयोग के गेट के बाहर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी धरने पर भी बैठे। सड़क पर 30 से ज्यादा कांग्रेस विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मामले का पूरा घटनाक्रम: कब क्या हुआ?

11 मई 2025 (अपराध की तारीख): शिकायतकर्ता ए. श्रीलता की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया।

20 अगस्त 2025 (शिकायत दर्ज): ए. श्रीलता ने हैदराबाद की 'फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट' की अदालत में मीनाक्षी नटराजन (अभियुक्त नंबर 4) और अन्य के खिलाफ मुख्य याचिका (Complaint No. of 2025) दायर की। इसमें नटराजन पर BNS Act की धारा 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

17 सितम्बर 2025 (न्यायिक समन जारी): माननीय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मीनाक्षी नटराजन को 'नोटिस टू रेस्पोंडेंट' जारी किया। इस समन में उन्हें निजी तौर पर अदालत में पेश होने और अपना जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया गया था।

24 अक्टूबर 2025 (नटराजन का जवाब): मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके वकील ने अदालत में एक जवाबी हलफनामा (Counter) पेश किया। इस जवाब में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए पूरी शिकायत को "राजनीतिक विद्वेष" से प्रेरित बताया और इसे खारिज करने की मांग की।

17 नवम्बर 2025 (सुनवाई की तारीख): अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया, बल्कि सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जो आज भी जारी है। 

नामांकन पर पहले ही मंडरा रहा था खतरा?

मध्य प्रदेश में कांग्रेस इस इकलौती सीट को हर हाल में जीतना चाहती थी, लेकिन निर्वाचन कानून के मुताबिक उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित हर आपराधिक मामले की जानकारी नामांकन हलफनामे में देनी होती है। चूंकि यह मामला 2025 से चल रहा है और नटराजन इसमें 'अभियुक्त' के तौर पर अदालत में जवाब भी दे चुकी हैं, इसलिए इसे 'अनजाने में हुई चूक' नहीं कहा जा सकता। निर्वाचन अधिकारी ने मीनाक्षी को इस जानकारी को छिपाने का दोषी पाया, ऐसे में उनका नामांकन तकनीकी आधार पर रद्द हो गया है। ऐसा होते ही कांग्रेस के पास मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रेस से बाहर होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हालांकि नामांकन रद्द होने के बाद नटराजन ने कहा कि लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गई हैं और वह इस फैसले के खिलाफ शिकायत करेंगी।