1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. SP ऑफिस की चौखट पर पूर्व कांग्रेस नेता ने जहर खाकर दी जान, जेब में रखे सुसाइड नोट में मिले 9 सूदखोरों के नाम

SP ऑफिस की चौखट पर पूर्व कांग्रेस नेता ने जहर खाकर दी जान, जेब में रखे सुसाइड नोट में मिले 9 सूदखोरों के नाम

ग्वालियर एसपी कार्यालय पहुंचे पूर्व कांग्रेस नेता व प्रॉपर्टी डीलर राजेश राजपूत की संदिग्ध विषाक्त पदार्थ खाने से मौत हो गई। परिजनों व सुसाइड नोट के अनुसार, वे दबंगों द्वारा जमीन कब्जे और सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान थे।

Congress leader and property dealer- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT कांग्रेस नेता एवं प्रॉपर्टी डीलर।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में अधिकारियों से मिलने पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर लगभग दो बजे के करीब जब पीड़ित कार्यालय की ओर बढ़ रहा था, तभी अचानक उसके कदम लड़खड़ाने लगे और वह एसपी कक्ष के बाहर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। देखते ही देखते पीड़ित के मुंह से झाग निकलने लगा, जिसे देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य फरियादियों के हाथ-पांव फूल गए। मामले की गंभीरता को समझते हुए ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने तत्काल अपने शासकीय वाहन से पीड़ित को इलाज के लिए पास के अस्पताल भिजवाया।

अस्पताल में मौत और प्रारंभिक पहचान

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने पीड़ित का त्वरित इलाज शुरू किया, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और पहचान की प्रक्रिया में सामने आया कि मृतक का नाम राजेश राजपूत (राजेश किरार) था, जो शहर के लक्ष्मीगंज इलाके का निवासी था। राजेश प्रॉपर्टी डीलिंग के व्यवसाय से जुड़े थे और किसान प्रदेश कांग्रेस में पूर्व में जिला महामंत्री के पद पर भी रह चुके थे।

जमीन विवाद और सूदखोरों का दबाव

घटना की पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि मृतक लंबे समय से मानसिक और आर्थिक रूप से भारी दबाव में थे। परिजनों और स्थानीय स्रोतों के अनुसार राजेश की कीमती जमीन पर कुछ स्थानीय दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा था, जिससे वह बेहद परेशान चल रहे थे। वे लगातार अधिकारियों के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंच रहे थे। इसके साथ ही उन पर भारी आर्थिक कर्ज का बोझ भी था, जिसके चलते सूदखोर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।

सुसाइड नोट और नौ लोगों पर आरोप

पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने मामले में कई बड़े खुलासे किए हैं। सुसाइड नोट में कुल नौ सूदखोरों के नामों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जिनमें पप्पू गुर्जर नामक एक व्यक्ति का नाम भी शामिल है, जिसे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का नेता बताया जा रहा है। सुसाइड नोट और परिजनों के दावों के मुताबिक राजेश ने व्यापारिक और निजी जरूरतों के लिए ब्याज पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये लिए थे। कई गुना ज्यादा रकम चुका देने के बावजूद सूदखोर उनसे और पैसों की मांग कर रहे थे तथा मोबाइल फोन पर रोजाना जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।

पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि मामले में यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मर्ग कायम कर लिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट, कॉल डिटेल्स और परिजनों के बयानों को आधार बनाकर मामले की गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट- भूपेन्द्र भदौरिया 

ये भी पढ़ें: उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में अफरा-तफरी, दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात, 3 लोग घायल